कासगंज। लंपी के बाद अब ब्रुसेल्लोसिस रोग का खतरा बढ़ गया हैं। वृंदावन में दो गायों में इस रोग की पुष्टि भी हो चुकी है। जिसकी जानकारी के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने सतर्कता बढ़ाई है। गोशालाओं में निगरानी बढ़ाई हैं, वहीं पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं। ब्रुसेल्लोसिस रोग गोवंश, भैंस, बकरी आदि पशुओं में होने वाला संक्रामक रोग है। इस रोग से संक्रमित होने पर गर्भवती मादा पशु का गर्भपात गर्भधारण के 7 से 9 माह में हो जाता है। वहीं कभी कभी बच्चा मृत और सड़ा हुआ पैदा होता है। इससे पशुपालकों को पशुधन की हानि होती है। यह रोग एक से दूसरे पशु तक पहुंच सकता है। जिससे बचाव के लिए स्वच्छता और संक्रमित पशु की अन्य पशुओं से दूर रखना जरूरी है। पशु चिकित्सा विभाग की टीमें गोशालाओं में निगरानी बनाए हैं, किसी गाय का गर्भपात समय से पहले या बच्चा मृत पैदा तो नहीं हो रहा है। यदि ऐसा होता है तो इसका सैपंल लैब भेजा जाएगा। जिससे रोग है अथवा नहीं इसकी पुष्टि हो सकेगी।
पशु चिकित्सा विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें रोग के बारे में जानकारी दे रहे हैं। बचाव के लिए उपाय भी बता रहे हैं, जिससे वह अपने पशुओं को रोग से बचा सकें।
जब पशुओं का मादा बच्चा 4 से 6 माह को तो तभी का उसका टीकाकरण कराया जाना चाहिए। यह टीका एक बार ही लगाया जाता है। जिसके बाद रोग की संभावना नहीं रहती। जनपद के पशु चिकित्सालयों में टीके निशुल्क उपलब्ध हैं।
यह रोग ब्रूसेल्ला एबोरटस नामक जीवाणु से होता है। अभी जनपद में रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन वृंदावन में मामले मिलने के बाद सतर्कता बढ़ाई गई है। पशुपालकों को भी जागरूक किया जा रहा है। गोशालाओं पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश पशु चिकित्सकों को दिए हैं। मनोज कुमार अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी, कासगंज।