राजस्थान के कोटा बैराज से सोमवार को दो लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने से चंबल नदी में उफान तेजी से बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से आठ मीटर नीचे 122 मीटर पर बह रही है। इसके चलते बाह और जैतपुर के नदी के किनारे के गांवों में हड़कंप है। गांवों से जुड़ने वाले नदी के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है। खतरे को भांपते हुए तहसील प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। तहसीलदार इंद्रनंदन सिंह ने लेखपालों को गांवों में रुकने के निर्देश दिए हैं। प्रधानों को मुनादी कराने को कहा है ताकि लोग नदी किनारे न जाएं। बता दें, कोटा बैराज से रविवार शाम पांच लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद सोमवार सुबह 75 हजार और शाम को 1 लाख 25 हजार क्यूसिक पानी और छोड़ा गया। इसके बाद से ही चंबल नदी उफान पर है। खादरों में तोरई, लौकी, काशीफल की फसल जलमग्न हो गई। पुरा शिवलाल, झरनापुरा, हरलालपुरा, कैंजरा, महुआशाला, गुढ़ा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, जैतपुर के नंदगवां, हथकांत, मुकुटपुरा, मऊ की मढै़या, उदयपुर खुर्द, गांव रेहा, कछियारा, बरेंडा, बीच का पुरा, क्यौरी, कुंवरखेड़ा आदि गांवों के खादरों में फसलों के नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग का अमला जलीय जीवों घड़ियाल, मगरमच्छ को लेकर सक्रिय है। लगातार नजर रखी जा रही है। वर्जन चंबल नदी के बीहड़ में बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। तहसील अफसरों और कर्मचारियों को इन इलाकों में निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। यहां जल्द ही चौकियां गठित की जाएंगी। - बीके सिंह, एसडीएम