आगरा में एक सराफ के घर बुधवार को पांच पुलिसकर्मियों ने दबंगई दिखाई। गृहस्वामिनी को धक्का देते हुए ऊपरी मंजिल पर पहुंचे। सिलिंडर से दरवाजा तोड़ा और सभी कमरों में कुछ तलाशते रहे। शोर मचाने पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर धमकाया। तब तक शोर सुनकर लोगों को जुटता देख सभी निकल गए। थोड़ी देर बाद सूचना पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने बताया कि साइबर सेल ने फर्जी कॉल सेंटर की सूचना पर गलत स्थान पर दबिश दे थी।
घटना सदर थाना क्षेत्र के राजपुर चुंगी में दोपहर लगभग 12 बजे की है। यहां संजय गुप्ता की साक्षी ज्वैलर्स नाम से दुकान है। दुकान की ऊपरी मंजिल पर वह परिवार के साथ रहते भी हैं। बुधवार की दोपहर घर पर उनकी पत्नी उमा गुप्ता अकेली थीं। परिवार के अन्य सदस्य किसी कार्यक्रम में गए थे।
व्यापारी ने दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में देखा कि पांच-छह युवक सीढ़ियां चढ़कर ऊपर गए हैं। उन्होंने दुकान के दो कर्मचारियों को ऊपर भेजा तो बाहर से आए युवक सिलिंडर से गेट तोड़ रहे थे। कर्मचारियों ने उन्हें रोका तो युवकों ने धमका दिया। घर के अंदर पहुंचकर कमरों में तलाशी ली। उमा गुप्ता ने रोका तो बोले कि लड़कियां कहां हैं। इस पर उमा ने शोर मचाना शुरू कर दिया। सभी कमरे देखने के बाद युवक एक-एक करके भाग गए।
सूचना पर इंस्पेक्टर सदर मौके पर पहुंचे। उन्होंने छानबीन के बाद सराफा व्यापारी को बताया कि साइबर सेल ने दबिश दी थी। इलाके में कोई फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। लोकेशन गलत हो गई थी। असुविधा के लिए उन्हें खेद है। वहीं सराफ का आरोप है कि उनके घर बदमाश लूट करने आए थे। जो लोग आए थे, वे सीसीटीवी में कैद हैं। उनकी पत्नी घर पर अकेली थीं। उनके साथ अभद्रता की गई है। दरवाजा तोड़ दिया। वह पुलिस कमिश्नर से शिकायत करेंगे।