आगरा के सैंया में डंपरों की नंबर प्लेट पर कालिख पोतकर राजस्थान से बालू, डस्ट और गिट्टी का अवैध परिवहन पकड़ा गया। बुधवार रात को पुलिस ने ग्वालियर मार्ग पर चेकिंग कर आठ डंपर पकडे़। पुलिस से अभद्रता भी की गई। मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से चार फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद हुई है।
एसपी पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि बालू और गिट्टी के अवैध परिवहन की शिकायत मिल रही थी। बुधवार रात को एक बजे एआरटीओ ललित कुमार के साथ पुलिस टीम ने सैंया क्षेत्र में ग्वालियर हाईवे पर पांच डंपर रोके। एसआई मोहित शर्मा उनके कागजात चेक कर रहे थे। एक डंपर को चालक लेकर भागने लगा। नंबर प्लेट पर कालिख पोती गई थी। पुलिस ने पीछा किया। सैंया के पुरा महाराज सिंह में चालक ने डंपर रोक दिया। डंपर मालिक प्रवेश भी कई लोगों के साथ पहुंच गया। पुलिसकर्मियों से अभद्रता की। पुलिस ने आरोपियों चालक संतोषी, डंपर मालिक प्रवेश, उसका चचेरा भाई भोलू गुर्जर, भतीजा कुलदीप, धनदीप और इरफान को पकड़ लिया। उन पर एसआई ने मारपीट, धोखाधड़ी, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी, सरकारी कार्य में बाधा और खान अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया।
तीन डंपर की नंबर प्लेट पर कालिख पोती गई थी। एआरटीओ ने तीन अलग-अलग मुकदमे डंपर चालकों और मालिकों के खिलाफ दर्ज कराए। इनमें धौलपुर निवासी चालक दिवारीलाल, बंटी, प्रबल सिसौदिया, अचल सिंह नामजद किए गए। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने चेकिंग के दौरान डंपरों पर लगे बोर्ड के आधार पर बीएस परमार, एमएस परमार, अमित मित्तल, हरिग्रिज सप्लायर को मुकदमे में नामजद किया है।
मलपुरा में भी पकड़े गए तीन डंपर
मलपुरा में ककुआ चौकी प्रभारी अमित कुमार ने तीन डंपर जब्त किए। एक खाली था, जबकि दो में गिट्टी और डस्ट भरी थी। इनकी नंबर प्लेट से नंबर मिटा दिए गए थे। पुलिस ने चालक एटा निवासी विमल, धौलपुर निवासी धर्मेंद्र और खेरागढ़ निवासी ओमवीर को गिरफ्तार कर लिया। चौकी प्रभारी ने मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों में डंपर मालिक अवागढ़ निवासी राजीव जैन, मुरैना निवासी सत्यवीर और ग्वालियर की शक्ति इंडिया ट्रेडर्स के मालिक को नामजद किया।
चेकिंग से बचने के लिए छिपाते हैं नंबर
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह डंपर की नंबर प्लेट को पोत देते हैं। इससे राजस्थान सीमा पर पुलिस गाड़ी को पकड़ नहीं पाती है। नंबर नहीं होने की वजह से पहचान भी आसान नहीं है। वह जीएसटी और ओवरलोड माल ले जाकर अन्य शुल्क की चोरी करते हैं।