मैनपुरी। जीवनदायिनी ईशन नदी के डूब क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों के पास इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। प्रशासन के पास तो विनियमित क्षेत्र की सीमाओं और दायरे का भी कोई रिकॉर्ड नहीं है। यह स्थिति तब है जब फरवरी 2021 में तत्कालीन एसडीएम सदर ऋषिराज ने विनियमित क्षेत्र का सर्वे कराया था और 16 अवैध कॉलोनियों को चिह्नित कर निर्माण स्वामियों को नोटिस जारी किए थे। दावा किया गया था कि इन अवैध ढांचों को ध्वस्त किया जाएगा, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ। उल्टा, प्रशासन पर रिकॉर्ड गायब करके भू-माफिया को संरक्षण देने का आरोप लग रहा है। तत्कालीन उप जिलाधिकारी सदर ऋषिराज के आदेश पर फरवरी 2021 में हुई जांच में यह बात सामने आई थी कि विनियमित क्षेत्र से एक भी कॉलोनी बनाने की अनुमति नहीं ली गई थी। इतना ही नहीं, वर्ष 2001 में शहरीकरण के लिए तैयार की गई महायोजना का भी पालन नहीं किया गया। शहरी क्षेत्र के विस्तार में सबसे अधिक आबादी ईशन नदी के आसपास बढ़ी है, जहां कुल 16 कॉलोनियां अवैध रूप से बनाकर भूखंड बेचे गए और उन पर निर्माण भी करा लिए गए। उस समय 150 अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया था। ईशन नदी के डूब क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माणों में कई सार्वजनिक स्थल भी शामिल हैं। प्रशासन की अपनी जांच में खुलासा हुआ था कि कुछ स्कूल, आश्रम, मॉल और सर्विस सेंटर भी अवैध रूप से बनाए गए हैं।