में किसान दिवस पर बैठक करती जिलाधिकारी मेधा रूपम।
कासगंज। किसान दिवस के मौके पर चिकोरी उत्पादक किसानों एवं चिकोरी प्लांट की इकाइयों के संचालकों के साथ जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि चिकोरी उत्पादक किसानों का शोषण नहीं होना चाहिए। किसानों के साथ अनुबंध का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। यदि कोई भी प्लांट संचालक अनदेखी करता तो कड़ी कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने किसानों के चिकोरी के बकाया मूल्य का भुगतान करने के भी प्लांट संचालकों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में चिकोरी की खरीदारी एक ही दर पर की जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन उत्पादक किसानों व इकाइयों के संचालकों के मध्य समन्वय का कार्य करेगा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने बताया कि चिकोरी की इकाई गंगा डेयरी अतरौली के द्वारा किसानों का पिछले वर्ष का भुगतान नहीं किया है। किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि डेयरी पर 50 लाख रुपये की देनदारी बकाया है। इकाई संचालकों ने बैठक में बताया कि अनुबंधित किसानों से ही निर्धारित दर पर चिकोरी का क्रय किया जाता है। वर्तमान में निर्धारित दर 675 रुपये प्रति क्विंटल है। उन्होंने कहा कि गैर अनुबंधित किसानों के द्वारा चिकोरी क्रय करने के लिए दबाव बनाया जाता है। मना करने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि अनुबंधित किसानों की चिकोरी ही इकाइयों के द्वारा ली जाएगी। यदि कोई किसान गैर अनुबंधित बीज से बुवाई करता है तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। जिले में 32 चिकोरी प्लांट लगे हुए हैं। जिलाधिकारी ने चिकोरी प्लांट गंगा डेयरी के साथ बैठक कर किसानों के बकाया मूल्य का भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।