कासगंज। बारिश के मौसम में सांप काटने के मामले बढ़ गए हैं। घबराहट से हृदयाघात से लोगों की मौत हो रही है। जिला अस्पताल पर 12 दिनों में 18 लोग भर्ती हुए हैं। सांप की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। बारिश में जलभराव के कारण सांपों ने बिलों में पानी भरने के बाद गांवों में अचानक सांप काटने के मामले बढ़ गए हैं।
सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना का कहना है कि सांप काटने पर जहर से कम एवं घबराहट से अधिक मौत होती है। सांप की सभी प्रजातियां जहरीली नहीं होती। एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाने की हर किसी मरीज को आवश्यकता नहीं होती। अच्छी तरह से जांच के बाद ही इंजेक्शन लगाया जाता है।