कासगंज। सरकार भले ही मजदूरों की खुशहाली के लिए मनरेगा योजना का संचालन कर रही है लेकिन योजना के तहत भुगतान की स्थिति खराब है। योजना के तहत दो साल से ग्राम पंचायतों में राज मिस्त्री का 64.48 लाख रुपये बकाया हैं। त्योहार पर भुगतान नहीं होने से वे मायूस है। जिले में 423 ग्राम पंचायतें है। मनरेगा के तहत राज मिस्त्री को प्रतिदिन के हिसाब से 451 रुपये मजदूरी मिलती है। पंचायतों में विकास कार्य करने के बाद राज मिस्त्री की मजदूरी का भुगतान शासन से होता है। दो साल से राज मिस्त्रियों का शासन से भुगतान नही हुआ है। राज मिस्त्री का 2023-24 का करीब 1.93 लाख रुपये और 2024-25 का 62.55 लाख रुपये मजदूरी का बकाया है। शीतल कुमार, दिनेश कुमार, अरुण कुमार, पातीराम ने बताया कि पंचायतों में उनकी मजदूरी का भुगतान ने होने से उनके सामने परिवार का पालन पोषण करने में काफी परेशानी हो रही है। भुगतान नहीं होने से उनका मनरेगा योजना में कार्य करने से मोह भंग हो रहा है। इसी के चलते वह मनरेगा योजना में कार्य करने से कतरा रहे है। उन्होंने ग्राम प्रधानों, सचिव व उच्चाधिकारियों से मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक विकल कुमार का कहना है कि शासन से राज मिस्त्रियों की मजदूरी की धनराशि की मांग की है। शासन से धन मिलने पर उनका भुगतान किया जाएगा।