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हीमोफीलिया : सरकारी अस्पताल में जांच के इंतजाम नहीं

Wed, 17 Apr 2024 01:03 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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कासगंज। हीमोफीलिया के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग जरूरत के समय इलाज नहीं दे सकेगा। जिले में ऐसे मरीजों के लिए किसी तरह की कोई दवा, इंजेक्शन या जांच की सुविधा नहीं है। मरीजों को इलाज के लिए आगरा जाना पड़ता है। चिकित्सकों का मानना है कि ऐसे मामलों में लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है। हीमोफीलिया आमतौर पर एक वंशानुगत रक्तस्राव विकार है। जिले में इस बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल में हर माह पांच से छह मरीज इस बीमारी के आते हैं। ऐसे मरीज को फेक्टर चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए अस्पताल पर अलग से व्यवस्था रहती है लेकिन जिला अस्पताल में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं हैं। जिससे ऐसे मरीजों को बाहर रेफर करना पड़ता है। चिकित्सक कहते हैं रोग के कारण शरीर में रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। इसी कारण से हीमोफीलिया से ग्रस्त व्यक्ति के शरीर में रक्त के थक्के जमने अर्थात बहता खून रुकने में स्वस्थ व्यक्ति से अधिक समय लग जाता है। हीमोफीलिया के कुछ गंभीर मामलों में शरीर के अंदर रक्त बहने लग जाता है। ऐसी स्थितियों में व्यक्ति का समय पर इलाज नहीं होने पर उसकी मृत्यु भी हो सकती है। इसमें सहज रक्तस्राव के साथ-साथ चोट या सर्जरी के बाद रक्तस्राव भी हो सकता है। सीएमएस डॉ.संजीव सक्सेना का कहना है कि जिले अस्पताल में एक माह में पांच से छह मरीज तक आते हैं, लेकिन कोई इंतजाम नहीं होने से मरीजों को आगरा रेफर किया जाता है।
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