लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल बज चुका है। बात सत्ता की है तो अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार सुबह मथुरा जा पहुंचा। कृष्ण नगरी में जनता के मन में क्या है। इस पर बात हुई तो मतदाताओं ने खुलकर अपने मन की बात कही।
मथुरा शहर का हृदय स्थल होली गेट, जहां रोजाना की तरह सुबह चाय पीते हुए लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हुआ। संसदीय चुनाव इन चर्चाओं के केंद्र में थे। एक ओर जहां कुछ लोग स्थानीय समस्याओं को लेकर नाराज थे तो कुछ लोग वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते हुए कदमों से खुश थे। कहीं तर्क-वितर्क तो कहीं नोक-झोंक, कभी गरमा-गरम बहस तो कभी हंसी-ठिठोली के बीच लोगों ने संसद को लेकर अपनी बात कही।
मंगलवार को होलीगेट पर अमर उजाला ने चुनावी चर्चा के माध्यम से मथुरा के मतदाताओं की नब्ज टटोली। आम जनता के बीच लोगों ने मथुरा के सांसद को लेकर खुलकर अपने विचार रखे। सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वह किसी स्थानीय व्यक्ति को मथुरा का सांसद होते हुए देखना चाहते हैं जो मथुरा की समस्याओं को जानता हो और मथुरा की जनता की सुने।
महेश काजू ने कहा कि इस बार हेमा मालिनी पहले से भी ज्यादा वोटो से जीतेंगी, क्योंकि उनकी ईमानदार छवि और कुशल नेतृत्व सबके सामने है। ठाकुर धर्मपाल सिंह ने कहा कि हम तो केवल भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के आधार पर वोट डालेंगे। कृष्णकांत पांडे कहते हैं कि मथुरा का सबसे बड़ा मुद्दा यमुना जी का है। जो यमुना जी के विषय में सोचेगा, हम उसको वोट देंगे।
भोले चतुर्वेदी कहते हैं कि जनता को फ्री का राशन नहीं चाहिए, बल्कि रोजगार चाहिए और महंगाई में कमी चाहिए। मदन मोहन श्रीवास्तव कहते हैं कि कुछ लोग केवल छोटे-मोटे मुद्दों को लेकर अपनी राय बना लेते हैं। लेकिन वे यह नहीं देख रहे कि आज भारत कितना विकसित हो रहा है और विश्व पटेल पर भारत का कितना नाम हो रहा है।