एटा मेडिकल कॉलेज में सोमवार से मरीजों के लिए हेल्पडेस्क बना दी गई है। मरीज और तीमारदार हेल्पडेस्क पर पहुंचकर अपनी बीमारी बताएंगे। इसके बाद ओपीडी के किस कक्ष में जाना है, यह हेल्पडेस्क से बताया जाएगा। पहले दिन जानकारी न होने के चलते हेल्पडेस्क पर मरीजों की संख्या कम रही।
यहां बनाई गई हेल्पडेस्क
कॉलेज में पंजीकरण कक्ष के सामने ही हेल्पडेस्क बनाई गई है। पर्चा बनवाने के बाद मरीज व तीमारदार सीधे हेल्पडेस्क पर बैठने वाले कर्मचारियों से संपर्क कर सकेंगे। मरीज अपने स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बताएंगे, जिस पर कर्मचारी संबंधित बीमारी का उपचार करने वाले चिकित्सक के कक्ष में जाने की सलाह देंगे। इससे मरीजों को इधर-उधर नहीं भटकना होगा।
होती थी बड़ी समस्या
कॉलेज में दो स्थानों पर ओपीडी संचालित होने से मरीज और तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। नए मरीज समझ ही नहीं पाते थे, कि उनकी बीमारी से संबंधित डॉक्टर कहां मिलेंगे।
अभी अस्थायी है व्यवस्था
प्राचार्य डॉ. नवनीत सिंह चौहान ने बताया कि मरीजों और तीमारदारों की परेशानियों को देखते हुए हेल्पडेस्क का संचालन शुरू किया गया है। यह अभी अस्थायी है लेकिन मरीजों को सुविधाएं जरूर मिलेंगी। उनको सही डॉक्टर के पास पहुंचाने में हेल्पडेस्क मदद करेगी।