नाबालिग से दुष्कर्म के मुकदमों में तय तारीख पर सुनवाई होगी। तारीख बढ़ाने की स्थिति में बचाव पक्ष पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। एक से ज्यादा तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी।
नाबालिग से दुष्कर्म के मुकदमों की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो की कोर्ट में की जाती है। ऐसे मुकदमों की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय इलाहाबाद तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने संबंधित मुकदमों की सुनवाई तय तारीख पर हर हाल में करने के निर्देश दिए हैं। जेल में बंद अपराधियों वाले मुकदमों को तय तारीख पर ही सुनने को कहा गया है। मुकदमे को लंबित करने की प्रवृति पर कड़ाई से अंकुश लगाने की हिदायत अधिकारियों को दी गई है।
87 मुकदमों की चल रही सुनवाई
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में नाबालिग से संबंधित अपराधों की सुनवाई की जा रही है। न्यायालय में इस समय 87 मुकदमों की सुनवाई की जा रही है। इन मुकदमेां में नाबालिग से दुष्कर्म, अपहरण, छेड़छाड़, दुष्कर्म के बाद हत्या करने जैसे मामले शामिल हैं।
पॉक्सो एक्ट के मुकदमों की तय तारीख पर सुनवाई कराने के लिए न्यायालय के संबंधित एडीजीसी को कहा गया है। तय तारीख पर आने वाले गवाहों की हर हाल में गवाही कराने की हिदायत दी गई है। तारीख बढ़ाने वाले प्रार्थनापत्रों का विरोध करने के निर्देश दिए गए हैं। - वीरेंद्र कुमार मिश्रा, डीजीसी फौजदारी
नए निर्देशों का लाभ होगा। पीड़िता को समय से न्याय मिलेगा। पीड़ित पक्ष के न्यायालय आने जाने में होने वाले धन और समय की बर्बादी भी रुकेगी। संबंधित मुकदमेां की समय से न्यायालय में सुनवाई होने पर पीड़िता को समय से न्याय भी मिल सकेगा। - चतुर सिंह, पूर्व डीजीसी फौजदारी