कासगंज। जिले में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से लोगों को निरोगी बनाने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। आयुर्वेदिक अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इन अस्पतालों पर गर्भवती महिलाओं, मलेरिया एवं शुगर के मरीजों को आयुर्वेद चिकित्सा से इलाज होगा। इसके लिए इनकी जांच की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पतालों में दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ चिकित्सक एवं योग प्रशिक्षण की भी तैनाती की जा रही है। जिले में कुल 11 आयुर्वेद चिकित्सालय संचालित हैं। यहां पर अभी सीमित संसाधन के चलते मरीजों का उपचार होता है। प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण लोगों में आयुर्वेद चिकित्सा के प्रति जागरूकता का भी अभाव है। नतीजा चिकित्सालयों में दिनभर में 50 से 100 मरीज ही पहुंचते हैं। अब आयुर्वेदिक चिकित्सालयों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके बाद इन अस्पतालों पर मरीजों के इलाज की सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इन अस्पतालों पर योग के अलावा आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से मरीजों का इलाज होगा। अस्पतालों पर मरीजों की जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इन पर लैब विकसित करके मलेरिया, शुगर, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच सहित अन्य जांच की सुविधा शुरू की जाएगी। पहले चरण में तवालपुर एवं मझोला आयुर्वेद चिकित्सालयों को हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में तब्दील करने की तैयारी शुरू हो गई हैं।