मैनपुरी। संसद में राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने उर्वरकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से उर्वरकों की उपलब्धता, कमी को पूरा करने के लिए उठाए जाने वाले कदम के साथ ही अन्य बिंदुओं पर जवाब देने को कहा। इस पर रसायन एवं उर्वरक मंत्री की ओर से लिखित जवाब भी उपलब्ध कराया गया।
राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह ने संसद में प्रश्न उठाया कि आखिर क्यों किसानों को उर्वकों के लिए परेशानी हो रही है। उन्हें आसानी से उर्वरक उपलब्ध क्यों नहीं हो पा रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने बीते तीन सालों में स्थापित उर्वरक संयंत्र उनकी उत्पादन क्षमता और सरकार की योजना पर भी सवाल खड़े किए।
उनके सवाल का रसायन और उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने लिखित जवाब उपलब्ध कराया है। इसमें उन्होंने बताया कि कि बीते तीन सालों में देश के पांच अलग-अलग राज्यों में पांच यूरिया उर्वरक उत्पादन के लिए संयंत्र स्थापित किए गए। इसके साथ ही दो संयंत्र मध्यप्रदेश में डीएपी के उत्पादन के लिए भी स्थापित कराए गए हैं।
ये भी बताया कि दो यूरिया संयंत्र जहां अपनी क्षमता के सापेक्ष 70 से 80 प्रतिशत तक उत्पादन स्तर पर पहुंच चुके हैं, वहीं बाकी भी इस दिशा में काम कर रहे हैं।
नैनो यूरिया का भी हो रहा उत्पादन
सांसद हरनाथ सिंह के प्रश्न के जवाब में रसायन और उर्वरक मंत्री ने बताया कि नैनो यूरिया के उत्पादन के लिए भी देश में तेजी से काम हो रहा है। गुजरात में एक और उत्तर प्रदेश में स्थापित दो संयंत्रों में कुल 17 करोड़ बोतल का उत्पादन शुरू हो गया है। इससे किसानों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही उर्वरकों की कमी को पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए संयंत्र स्थापित करने की दिशा में काम करने की बात कही।