मैनपुरी। बेवर ब्लॉक के गांव रामपुर-सैदपुर की पांच महिलाओं ने समूह के माध्यम से मसालों का कारोबार छोटे स्तर से शुरू किया। मेहनत और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का साथ रंग लाया। इन महिलाओं ने खुद का जीवन संवारने के साथ ही अन्य महिलाओं को भी समूह से जोड़ा।
गांव रामपुर सैदपुर की राधे-राधे महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष अवनेश कुमारी ने पांच महिलाओं के साथ वर्ष 2018 में बहुत छोटे स्तर पर पिसे मसाले तैयार बिक्री शुरू की। कभी बेरोजगार होने का दंश झेलने वाली महिलाएं अब आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। समूह की अध्यक्ष अवनेेश कुमारी ने बताया कि वे बाजार से खड़े मसाले खरीदकर लाती हैं। यहां सफाई के बाद उन्हें साफ करने और सुखाने के बाद पीसा जाता है। खुद ही पैकिंग भी करती हैं। वर्तमान में वे हल्दी, धनिया और मिर्च मसाला के साथ ही सब्जी मसाला भी तैयार कर रही हैं। शुरूआत में उनका वार्षिक कारोबार एक से दो लाख के बीच था। अब टर्नओवर 15 लाख रुपये सालाना तक पहुंच गया है। वर्तमान में इस काम से गांव की पूनम देवी, रेखा बैस, सरिता बैस, संगीता, शालिनी, संध्या और राजकुमारी आदि जुड़ी हैं। (संवाद)
मिड-डे-मील में आपूर्ति से बढ़ा कारोबार
जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे-मील तैयार होता है। शासन का सख्त आदेश है कि इसमें पैक्ड पिसे हुए मसाले ही प्रयोग किए जाएं। मुख्य विकास अधिकारी की पहल पर अगस्त 2021 से मिड-डे-मील में मसालों की आपूर्ति शुरू कराई। समूह द्वारा अब तक दस लाख रुपये के मसालों की आपूर्ति मिड-डे-मील में की जा चुकी है।
25 प्रतिशत तक होता है मुनाफा
समूह की महिलाओं ने बताया कि उन्हें मसाला कारोबार में अच्छा मुनाफा हो जाता है। मसालों की खरीदारी, पिसाई और पैकिंग पर आने वाले खर्च को निकालकर लगभग 25 प्रतिशत धनराशि बच जाती है। इस मुनाफे को समूह की सभी महिलाओं में बराबर बांट दिया जाता है। समूह की अध्यक्ष अवनेेश कुमारी ने बताया कि कारोबार को बढ़ाने में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार और उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त पीसी राम का विशेष सहयोग मिला।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ही ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार से जोड़ना है। मसाला कारोबार के रूप में एक बेहतर कार्य रामपुर सैदपुर की महिलाओं ने किया है। इससे उन्हें आमदनी भी अच्छी हो रही है। कारोबार को और आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
- पीसी राम, उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन।