राजकीय काॅलेजों को फिर लगा झटका, 9 शिक्षकों का हुआ स्थानांतरण
- राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रहीं व्यवस्थाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। शिक्षा सत्र 2023-24 में शिक्षकों की कमी से जूझते रहे राजकीय कॉलेजों के सामने सत्र 2024-25 में फिर से संकट रहेगा। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे जिले से नौ और शिक्षकों का स्थानांतरण गैर जनपद को कर दिया गया है जबकि मात्र तीन शिक्षक गैर जनपद में मैनपुरी के लिए भेजे गए हैं। ऐसे में छह और शिक्षकों की कमी हो जाएगी। निश्चित ही इससे राजकीय कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी।
जिले के राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों पर नजर डालें तो पता चलता है कि यहां 22 में से प्रधानाचार्य के 12 पद रिक्त चल रहे हैं। प्रवक्ता की बात करें तो जिले में 43 पदों के सापेक्ष मात्र 10 पुरुष प्रवक्ताओं की तैनाती है 33 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं महिला प्रवक्ता के 55 पद सृजित हैं इनमें से मात्र 17 की तैनाती है 38 पद रिक्त चल रहे हैं। सहायक अध्यापकों की बात करें तो जिले में 68 पुरुष सहायक अध्यापकों की तैनाती है इनमें 36 की तैनाती है 32 पद रिक्त चल रहे हैं। महिला सहायक अध्यापकों की बात करें तो 111 पदों के सापेक्ष 49 की तैनाती है जबकि 62 पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में नौ सहायक अध्यापकों का तबादला कर दिया गया है। मात्र तीन प्राप्त हुए है ऐसे में राजकीय काॅलेजों में परेशानी और बढ़ेगी।
गणित और विज्ञान विषय पर संकट
शिक्षा सत्र 2023-24 में राजकीय काॅलेजों में गणित और विज्ञान के शिक्षकों की कमी के कारण बड़ी समस्या आई थी। बोर्ड परीक्षार्थियों का प्रयोगात्मक कार्य कराने तक के लिए शिक्षक नहीं थे। ऐसे में प्रधानाचार्यों की मांग पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने बेसिक शिक्षा विभाग से विज्ञान के शिक्षकों को नजदीकी राजकीय कॉलेजों में विज्ञान शिक्षा और प्रयोगात्मक शिक्षा के लिए मदद मांगी थी। विज्ञान के चार शिक्षकों का तबादला होने के बाद ये समस्या और बढ़ गई है।
शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। जिले में छात्र संख्या के अनुसार अस्थाई रूप से शिक्षकों की तैनाती कर व्यवस्थाएं संभालने का कार्य किया जा रहा है।
- रघुराज सिंह पाल, सह जिला विद्यालय निरीक्षक