कासगंज की न्यौली चीनी मिल का नया पेराई सत्र संचालित है, लेकिन अभी तक गन्ना किसानों के पुराने बकाए का पूरा भुगतान नहीं हो सका है। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की सख्ती के बाद अब एक दो दिन में चीनी मिल प्रशासन ने बकाया मूल्य के ढाई करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का भरोसा दिया है। शीघ्र ही गन्ना किसानों को यह भुगतान मिलेगा। अभी तक किसानों को मिल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद 13 करोड़ 62 लाख रुपये का भुगतान हो सका है। किसान गन्ना बकाए का भुगतान किश्तों में मिलने के कारण संतुष्ट नहीं हैं और वे बार-बार पूरे बकाए का भुगतान करने की मांग उठा रहे हैं।
इतना है बकाया
चीनी मिल पर पिछले वर्ष का गन्ना किसानों का 36 करोड़ 62 लाख रुपये का गन्ना मूल्य बकाया था। गन्ना बकाए का भुगतान न करने के कारण चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ गन्ना विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद मिल प्रशासन ने किश्तों में गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान देना शुरू किया। 36 करोड़ 60 लाख रुपये के बकाए में अब तक 13 करोड़ 62 लाख का भुगतान हो सका है। अब ढाई करोड़ रुपये बकाए मूल्य के भुगतान का मिल प्रशासन ने भरोसा दिया है।
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गन्ना किसान के नए गन्ने का बकाया भी चीनी मिल पर बढ़ता जा रहा हैं। ऐसी स्थिति किसान पूरे बकाए भुगतान की मांग कर रहे हैं। सलेमपुर के गन्ना किसान शंकरलाल का कहना है कि थोड़ा थोड़ा पैसा किसानों के खाते में पहुंच रहा है। किसानों को पैसे की सख्त जरूरत है। यदि पूरा भुगतान मिले तो कुछ राहत मिले। वहीं जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि 'एक दो दिन में गन्ना किसानों को ढाई करोड़ रुपये का और बकाया भुगतान मिलेगा। मिल प्रशासन ने भुगतान करने के क्रम की जानकारी दी है। शीघ्र ही बकाया भुगतान कराया जाएगा।'