कसगंज। जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने में लापरवाही हो रही है। जिले में प्रतिशत परिवार आज भी ऐसे हैं जिनके परिवार में एक भी गोल्डन कार्ड नहीं बनाए जिससे पात्र होते हुए भी योजना का लाभ पाने के लिए लोग परेशान रहते हैं।
शासन ने गरीबों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज देने के लिए 25 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ किया। इस योजना में 1350 बीमारियों का इलाज कराने की व्यवस्था की गई है। योजना का लाभ पाने के लिए गोल्डन कार्ड होना आवश्यक है। इस कार्ड के बाद ही योजना से जुड़े निजी एवं सरकारी अस्पताल में निर्धारित बीमारी का इलाज मिल सकता है।
जिले में योजना के गोल्डन कार्ड बनाने में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। 111962 परिवार इस योजना के लिए चिह्नित किए गए। योजना शुरू होने के बाद से विभाग लगातार गोल्डन कार्ड बनवाने का दावा करता है, लेकिन हकीकत के धरातल पर स्थिति एकदम विपरीत नजर आती है। चिह्नित परिवारों में से 76353 परिवारों के ही गोल्डन कार्ड बने हैं, लेकिन इन परिवारों के सभी सदस्यों के कार्ड आज भी नहीं बन सके हैं। 35609 परिवार आज भी ऐसे हैं जिनके परिवार के किसी भी सदस्य का गोल्डन कार्ड नहीं बन सका है। सूची में नामों की गलती भी कार्ड में बाधक बनी हुई है।
योजना के तहत जिले में चिह्नित परिवारों के 497989 लोगों के गोल्डन कार्ड बनने हैं, लेकिन इनमें से अब तक मात्र 328040 लोगों के ही गोल्डन कार्ड बने हैं। जो कुल बनने वाले कार्ड का मात्र 65.87 प्रतिशत है। कार्ड न बनने से वंचित लोग इलाज को परेशान रहते हैं।
जिले में गोल्डन कार्ड बनाने के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं। आरोग्य मेला में भी कार्ड बनाने की व्यवस्था रहती है। जिससे कार्डधारकों की संख्या में वृद्धि हुई है।- डाॅ. राजीव अग्रवाल, सीएमओ