दो एंबुलेंस में भी नहीं थी ऑक्सीजन
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ब्लॉक व थाना निधौलीकलां क्षेत्र स्थित गांव नगला फकीर निवासी मुकेश कुमार की चार वर्षीय बेटी मन्नू को 30 जुलाई की सुबह करीब छह बजे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। यहां चिकित्सकों ने बुखार और निमोनिया बताया। हालत अधिक खराब होने पर उसे दोपहर के समय रेफर किया गया।
आगरा ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस पहुंची। इसमें ऑक्सीजन नहीं थी। फोन कर दूसरी एंबुलेंस बुलाई गई। इसमें भी वही स्थिति थी। तीसरी एंबुलेंस पहुंचने पर उसे आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए भेजा गया। इसमें डेढ़ घंटे की देरी हो गई और आगरा पहुंचते-पहुंचते बच्ची की मौत हो गई। अगले ही दिन एक ईएमटी को बर्खास्त कर दिया गया था। दो दिन बाद इसी एंबुलेंस के पायलट व दूसरी एंबुलेंस के ईएमटी और पायलट की भी सेवा समाप्त कर दी गई।
बड़ी कार्रवाई करते हुए अब जीवीके कंपनी ने जिला प्रभारी विष्णु कुमार को भी पद से कार्यमुक्त कर दिया है। कंपनी के मंडल प्रबंधक ने बताया कि एंबुलेंसों के संचालन को लेकर जिला प्रभारी की लापरवाही पाई गई है। उन्हें पद से हटाकर लखनऊ बुला लिया गया है। अभी जांच की जा रही है। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रवीश कुमार को जिला प्रभारी बनाया गया है।
कंपनी के अधिकारियों ने की एंबुलेंसों की पड़ताल
शुक्रवार को लखनऊ से आए कंपनी के अधिकारियों की टीम ने एंबुलेंसों की पड़ताल की। इस दौरान एंबुलेंसों के कागजात, ऑक्सीजन सहित अन्य चिकित्सकीय उपकरणों को चेक किया गया। मंडलीय प्रबंधक ने बताया कि ऑडिट टीम आई थी। यह नियमित निरीक्षण था।