आगरा में थाना इरादतनगर के गांव गढ़ी उद्दा में शुक्रवार सुबह एक युवती घर में लगी आग में जिंदा जल गई। पड़ोसियों ने आधा घंटे बाद आग पर काबू पाया। पुलिस का कहना है कि आग गैस सिलिंडर में लीकेज से लगने की बात कही गई है। जांच की जा रही है।
आगरा-कुर्राचित्तरपुर मार्ग पर स्थित गांव गढ़ी उद्दा की रहने वाली नीरज शुक्रवार सुबह घर में अकेली थी। उसके पिता राजू कुशवाहा की सर्प दंश से मौत हो चुकी है। मां खेत पर काम करने गई थीं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि नीरज ने श्रावण मास में व्रत रखे थे। शुक्रवार सुबह नहाने के बाद उसने पूजा अर्चना की। इसके बाद रसोई में चाय बनाने आई थी। रसोई छोटे से कमरे में बनी थी। इसमें एक जंगला लगा हुआ था। मगर, वह भी कागज से ढका हुआ था।
सुबह करीब 10 बजे लोगों ने घर से धुआं निकलता देखा। इस पर आसपास के लोग पहुंच गए। रसोई में आग लगी हुई थी। किसी तरह आग बुझाने के बाद नीरज को बाहर निकाला। वह जली हुई हालत में थी। उसे अस्पताल ले जाने लगे। मगर, उसकी रास्ते में मौत हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना इरादतनगर के प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया गैस लीकेज से आग लगने की बात सामने आई है। परिवार के लोगों ने बताया है कि नीरज गैस पर चाय बनाने के लिए आई थी। उसके लाइटर जलाते ही आग लग गई। आग से घिर जाने की वजह से वह बाहर नहीं आ सकी। वह जिंदा जल गई।