कासगंज। गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की कमी और दर्ज की गई है, लेकिन अभी भी तमाम इलाकों में बाढ़ का पानी ठहरा हुआ है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। वहीं कटे हुए रास्तों के कारण आवागमन में दिक्कतें बनी हुई हैं। खेतों में पानी भरा रहने के कारण फसलों को क्षति पहुंचने से किसान चिंतित हैं।पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 5 सेंटीमीटर मंगलवार को और कम हो गया। यह जलस्तर सुबह के समय 163.15 मीटर के निशान पर था। जबकि सोमवार को जलस्तर 163.20 मीटर के निशान पर था। बैराजों के डिस्चार्ज में भी काफी कमी आ गई है। इससे अब जलस्तर लगातार कम होता जाएगा। अब समस्या बाढ़ का पानी निचले इलाकों में ठहर जाने को लेकर है। जो निचले खेत व खादर के इलाके हैं वहां पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। अभी भी सड़कों के किनारे पानी ठहरा हुआ है। बारिश और गंगा के जलस्तर में बीते दिनों हुई वृद्धि के कारण तटवर्ती कई इलाकों के गांवों व खेतों में पानी भरने के बाद से शुरू हुईं ग्रामीणों की मुश्किलें अब भी जस के तस हैं। जिन खेतों में पानी भरा हुआ है वहां फसलें खराब हो रही हैं। इस समय तेज धूप निकल रही है। इससे फसलें काफी खराब होती जा रही हैं। ग्रामीणों को मक्का, बाजरा, गन्ने की फसलों में नुकसान को देखकर चिंता है। गंगा के पानी के कारण कटे रास्ते भी अभी सही नहीं किए जा सके हैं। फिलहाल पानी की निकासी पूरी तरह से नहीं हो पाई है। अभी राहत लौटने में कुछ वक्त और लग सकता है।कटे हुए बांधों की मरम्मत भी शुरू नहीं हुई है। इसके कारण गंगा की खादर के इलाकों में पानी भरा हुआ है। कादरगंज मार्ग पूरी तरह कटा हुआ है। वहीं मूंझखेड़ा मार्ग कटा हुआ है। अन्य मार्ग भी कटे हुए हैं इसके कारण ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। मार्ग कटे होने के कारण वाहन भी नहीं निकल पा रहे।