कासगंज। गंगा के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव का क्रम चल रहा है। बैराजों से डिस्चार्ज बढ़ते ही कछला ब्रिज पर 45 सेंटीमीटर की जलस्तर में वृद्धि हो गई। जलस्तर की इस वृद्धि से तटीय इलाकों में कोई दिक्कत नहीं होगी, केवल गंगाघाटों पर गंगास्नान करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सिंचाई विभाग निरंतर जलस्तर की निगरानी कर रहा है।शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 162.15 मीटर के निशान पर था, लेकिन शुक्रवार को हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया था। जिससे नरौरा बैराज पर पानी का दबाव बढ़ा। नरौरा से करीब 6 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बढऩे के कारण कछला ब्रिज पर जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। कछला ब्रिज पर जलस्तर 162.60 मीटर के निशान पर पहुंच गया। अभी गंगा में जलस्तर साधारण स्तर का है। जिससे तटीय इलाकों को कोई खतरा नहीं है और न ही कटान पीड़ित गांव बरौना में कटान का खतरा है। गंगाघाटों पर इस समय कांवड़ भरने के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जिससे जल अधिक होने के कारण उन्हें दिक्कतें उठानी पड़ सकती हैं। अधिक पानी होने के कारण गंगास्नान करने वाले श्रद्धालुओं को संकेतक लगाकर पानी की गहराई के बारे में आगाह किया गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शेर सिंह का कहना है कि गंगा के जलस्तर में शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को 45 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। बाढ़ का अभी कोई खतरा नहीं है। सिंचाई विभाग निरंतर निगरानी कर रहा है।