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Agra News: पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश से गंगा में आने लगा उफान

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कासगंज। लगातार पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश और उत्तराखंड में ऋषिगंगा बांध में तकनीकि कमी आने के कारण छोड़े गए पानी से गंगा में उफान की स्थिति बनने लगी है। पिछले 48 घंटों में हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज, बिजनौर बैराज और नरौरा बैराज से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। हांलाकि गंगा की उफनती धारा से अभी किसी तरह की परेशानी की आशंका नहीं है। केवल गंगाघाटों पर गंगास्नान करने वालों के लिए दिक्कतें बढ़े पानी के कारण हो सकती हैं। क्योंकि कछला गंगाघाट पर दो मीटर से अधिक पानी बढ़ चुका है।
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शुक्रवार को कछला गंगाघाट पर जलस्तर मापने वाले गेज से नीचे 159.81 पर गंगा का जलस्तर था। शुक्रवार को हरिद्वार से 5187 क्यूसेक, बिजनौर से 18167 क्यूसेक एवं नरौरा से 6255 क्यूसेक पानी था जो रविवार को बढ़कर हरिद्वार से 97085 और बिजनौर से 134964 क्यूसेक पर आ गया। कछला पर नरौरा से रविवार शाम 4 बजे बढ़कर 92281 क्यूसेक पर आ गया। लगातार जलस्तर में वृद्धि के कारण कछला पर सुबह 8 बजे जलस्तर 161.90 मीटर के निशान पर आ गया। अभी कछला पर गंगा खतरे के निशान से करीब 3 मीटर नीचे बह रही है। पीछे से आ रहे पानी के कारण गंगा में तीव्र लहरें उठ रही हैं। इसको लेकर तटवर्ती इलाके के लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। सिंचाई विभाग ने गंगा के तटीय इलाकों में अलर्ट कर दिया है। जिससे लोग सतर्क बने रहें। गंगा के जलस्तर में अभी और वृद्धि की आशंका है। सोमवार सुबह जलस्तर में और वृद्धि हो जाएगी। नरौरा से छोड़ा गया पानी 12 घंटे के बाद कछला घाट पर आना शुरू हो जाता है। सोमवार की शाम तक इस पानी का प्रभाव गंगा में कादरगंज गंगाघाट तक हो जाएगा। कच्चे बांधों पर इस पानी का असर पहुंचेगा। जिससे कच्चे बांधों को गंगा का इस सीजन का पहला पानी होने के कारण दिक्कतें हो सकती हैं। क्योंकि तेज बारिश के कारण पहले ही कच्चे बांधों की मिट्टी में कटान हो चुका है।
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