कासगंज के नगरिया क्षेत्र में एक खेत में भरा गंगा की बाढ़ का पानी
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कासगंज। नरौरा से पिछले 24 घंटे से गंगा में लगातार पानी का डिस्चार्ज बढ़ा हुआ है। जिसके कारण 30 सेंटीमीटर की गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। जिससे 20 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा का पानी पहुंचने से ग्रामीण परेशान हैं। लहरा और कछला गंगाघाट पर भी श्रद्धालुओं को बढ़े हुए पानी के कारण परेशानी हो रही हैं।
गंगा में नरौरा से जो डिस्चार्ज बुधवार को था यही डिस्चार्ज बृहस्पतिवार को बना रहा। जिसके कारण कछला गंगाघाट पर सड़क की ओर पानी बढ़ गया है। घाट पर बने भवनों के पास तक पानी की दस्तक हो गई। हरिद्वार और बिजनौर से बृहस्पतिवार को पानी नहीं छोड़ा गया। जिससे आगामी समय में जलस्तर में कमी आएगी। हरिद्वार और बिजनौर से डिस्चार्ज नहीं बढ़ा तो नरौरा का डिस्चार्ज कम होगा। जिससे जलस्तर में कमी आ सकती है, लेकिन जिन तटीय इलाकों की आबादी में बाढ़ का पानी एकत्रित हो गया है वहां ग्रामीण परेशान है। सोरोंजी इलाके के गांव लहरा, डिंगलेसनगर पर बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ा हुआ है।
वहीं सहावर, पटियाली के गांव सुन्नगढ़ी, देवकली, नगला ढाव, किसौल, किलौनी, अजीतनगर, बमनपुरा, उलाई, शहवाजपुर, फौजीनगला तक पानी की दस्तक हो चुकी है। ग्रामीण इलाके के मुख्यमार्ग के एक छोर पर फसलों में पानी भरा पड़ा है। ग्रामीण अरविंद का कहना है कि पानी कम होने के बाद फिर से बढ़ गया है। पहले का भरा पानी ही नहीं निकल पा रहा था। अब फिर से पानी बढ़ जाएगा। सबसे ज्यादा परेशानी पशुओं को बांधने को लेकर है।