काफी प्रयास के बाद स्वतंत्रता सेनानी भूपसिंह को गिरफ्तार करके आगरा की जेल में भेज दिया गया था। स्वतंत्रता सेनानी के नाम से गांव में जूनियर हाईस्कूल का नाम रखने के साथ उनके नाम से एक स्टेडियम का नाम रखा गया था। बाद में स्टेडियम से स्वतंत्रता सेनानी का नाम हटाकर उसे दाऊदयाल स्टेडियम कर दिया गया।
बेटी ने कहा, पिता को नहीं मिला सम्मान
स्वतंत्रता सेनानी भूप सिंह शर्मा की पुत्री मंजू शर्मा एडवोकेट बोलीं, पिता ने स्वतंत्रता आंदोलन को जितना संघर्ष किया वैसा सम्मान नहीं मिला। वह डॉ. राममनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण जैसे अनेक क्रांतिकारियों के साथ रहे। राज्यसभा भेजा जाना चाहिए। मेरे पिता के नाम से जलेसर रोड पर स्टेडियम का नामकरण किया गया। लेकिन तकलीफ तो तब हुई जब सपा शासन में उस स्टेडियम का नाम बदला गया। मैंने इसका विरोध भी किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।