कासगंज। एटा लोकसभा क्षेत्र के लिए शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच का कार्य किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम सुधा वर्मा की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की जांच की गई। नामांकन पत्रों की जांच में चार नामांकन पत्र अपूर्ण एवं विधि मान्य नहीं पाए गए। इन सभी नामांकन पत्रों को निरस्त किया गया। केवल दस नामांकन पत्र विधि मान्य पाए गए। अब केवल 10 प्रत्याशी चुनाव मैदान में शेष बचे हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में कुल 14 प्रत्याशी मैदान में थे।जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव आयोग को 4 नामांकन पत्रों के निरस्तीकरण की सूचना प्रेषित की है। निरस्त हुए नामांकनों में कमरुद्दीन खां, राजकुमार दिवाकर, नाजेंद्र सिंह एवं रामचंद्र के नामांकन हैं। एक दिन पूर्व शुक्रवार को नामांकन का अंतिम दिन था। अंतिम दिन तक 14 नामांकन दाखिल हुए। जिनमें से चार निरस्त हो गए। अब मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राजनैतिक दलों में भाजपा के राजवीर सिंह, सपा के देवेश शाक्य, बसपा के मोहम्मद इरफान एडवोकेट एवं है। रजिस्ट्रीकृत राजनैतिक दलों के अभ्यर्थियों में किसान क्रांति दल के अनुपम कुमार, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक के उदयवीर सिंह, बहुजन मुक्ति पार्टी के कैलाश कुमार और भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के वैभव मिश्रा हैं। इसके अलावा तीन प्रत्याशी अमर सिंह, अशोक कुमार एवं दानवीर निर्दलीय रूप से चुनाव मैदान में हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी सुधा वर्मा के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच में चार नामांकन पत्र विधि मान्य नहीं पाए गए। जिन्हें निरस्त किया गया। एटा लोकसभा क्षेत्र के लिए कुल 14 नामांकन दाखिल थे। निरस्तीकरण के बाद अब दस प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।