मैनपुरी। करीमगंज स्थित टीले से प्राचीन पत्थर मिलने की घटना लोगों के बीच चर्चा में है। इसके चलते मंगलवार एक चार सदस्यीय दल करीमगंज पहुंचा। यहां उन्होंने टीले के आसपास गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों या अन्य किसी से उन्होंने कोई विशेष बातचीत नहीं की। इसके बाद वे वापस लौट गए।
बीते शनिवार को करीमगंज स्थित टीले के पास से पशु चराने वाले बच्चों को प्राचीन पत्थर मिले थे। इसके बाद से ही करीमगंज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दो दिन बाद फिर सोमवार को भी तीन प्राचीन पत्थर और मिले थे। बच्चों ने ये पत्थर किसी को बेच दिए, लेकिन ये किसे बेचे इस बारे में ग्रामीण कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। पत्थर मिलने के बाद करीमगंज के इतिहास को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसके चलते मंगलवार को सुबह एक चार सदस्यीय दल करीमगंज पहुंचा। सुबह आठ बजे के करीब पहुंचे इस दल ने केवल ग्रामीणों से उस स्थान के बारे में जानकारी की, जहां प्राचीन पत्थर मिले थे। इसके बाद टीम ने उनके पास उपलब्ध यंत्रों से आसपास का क्षेत्र चेक किया। साथ ही उन्होंने कई फोटो भी लिए। वे लोग किसी निजी संस्था से था या फिर पुरातत्व विभाग से इस बारे में उन्होंने किसी को जानकारी नहीं दी। लगभग दो घंटे तक वे लोग टीले के आसपास छानबीन करने बाद वापस लौट गए।
ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान उन्होंने टील के आसपास से कुछ पत्थर भी जांच के लिए अपने पास रख लिए। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कैलाश कुमार ने बताया कि कुछ लोगों के आने की जानकारी हुई थी, ये लोग कौन थे, इस बारे में जानकारी नहीं हो सकी।
बारिश के बाद ग्रामीण ढूंढते नजर आए प्राचीन पत्थर
मंगलवार को करीमगंज क्षेत्र में बारिश हुई तो टीले के आसपास भी कुछ छोटे-छोटे पत्थर साफ होकर नजर आने लगे। इसके चलते ग्रामीण भी यहां प्राचीन पत्थर तलाशते नजर आए। हालांकि मंगलवार को किसी प्राचीन पत्थर मिलने की जानकारी नहीं हो सकी।