मैनपुरी। प्रधान डाकघर में गबन के मामले में चार सदस्यीय ऑडिट टीम जांच करने के लिए मैनपुरी पहुंच गई है। विभागीय अधिकारी तो इसे नियमित ऑडिट बता रहे हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार ऑडिट टीम मैनपुरी के डाकघरों में हुए गबन को लेकर ही जांच कर रही है। वहीं ऑडिट टीम में शामिल अधिकारियों ने किसी से मुलाकात नहीं की।
मैनपुरी के प्रधान डाकघर और शाखा डाकघर अंगौथा में बड़े पैमाने पर खातों से रुपयों का गबन किया गया है। दोनों ही मामलों की जांच के लिए दो अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। गबन सामने आए लगभग तीन माह का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक जांच टीम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। इसी बीच बृहस्पतिवार को एक चार सदस्यीय ऑडिट टीम भी मैनपुरी पहुंच गई है। जिसमें लखनऊ और पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय आगरा के अधिकारी शामिल हैं।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को प्रधान डाकघर में पहुंचकर अभिलेखों की जांच शुरू की। डाक विभाग के अधिकारी इसे नियमित होने वाला ऑडिट कार्य बता रहे हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि मामला डाकघरों में हुए गबन से ही जुड़ा हुआ है। चार सदस्यीय टीम गबन के संबंध में ही अभिलेख खंगालने का काम कर रही है। टीम में शामिल अधिकारी पूरे दिन अभिलेख पलटते रहे। उन्होंने डाक विभाग के अलावा शिकायतकर्ता या किसी अन्य से मुलाकात नहीं की।
वहीं डाक अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी का कहना है कि टीम अपने रुटीन ऑडिट के लिए आई है। ये एक विभागीय प्रक्रिया है। गबन की जांच अलग से गठित टीमें कर रही हैं।