मैनपुरी। प्रसपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तथा सपा के आजीवन सदस्य किशन दुबे ने सपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। मंगलवार को गोपालनगर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सपा में निष्ठावान कार्यकर्ता के साथ न्याय नहीं हो पा रहा है। जिले में ब्राहमण समाज के सपा के कई नेता या तो निष्क्रिय हो गए हैं अथवा सपा से दूर हो गए हैं।उन्होंने आरेाप लगाया कि सपा अपने सिद्धांतों और नीतियों से भटक चुकी है। सपा चाटुकारिता की प्रतीक बन गई हे। सपा में ब्राहमण समाज के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। ब्राहमण समाज को प्रतिनिधित्व के नाम पर ठगा गया है। छोटे बउ़े किसी चुनाव में 30 साल में ब्राहमण समाज को सहभागिता नहीं दी गई है। सपा ने हमेशा ब्राहमण समाज का उपयोग किया है लेकिन समाज को दिया कुछ नहीं है।
उन्होंने कहा कि तीन साल पहले ही सपा छोडने का मन बनाया था। लेकिन शिवपाल सिंह यादव के कहने पर सपा की नीतियों को आगे बढ़ाया। सपा का शीर्ष नेतृत्व लगातार ब्राहमण समाज का अपमान कर रहा है। इसको और अधिक बर्दाश्त करना संभव नहीं है। सपा में अब चाटुकारों का ही बोलबाला हो गया है। साथियों और कार्यकर्ताओं के सम्मान की लड़ाई हमेशा जारी रहेगी।