उत्तर प्रदेश के एटा जिले के सपा नेता व पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव की दूसरी जमानत अर्जी भी निरस्त कर दी गई है। विशेष न्यायालय एमपी-एमएलए में यह अर्जी प्रस्तुत की गई थी।
रामेश्वर सिंह के विरुद्ध थाना मलावन में गांव आसपुर निवासी सद्दीक ने 22 जून 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि उसकी और उसके भाई की जमीन रामेश्वर सिंह, पूर्व जिपं अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह आदि लोगों ने हड़प ली। 29 मई 2021 को मुझे पकड़कर अपने धान मिल में ले गए। मेरे गले में अंगोछा डालकर जान से मारने का प्रयास किया। मरणासन्न हालत में छोड़ दिया।
जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश नरेंद्र कुमार सिंह ने अपना आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि थाने की रिपोर्ट के मुताबिक अभियुक्त रामेश्वर सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का है। जिनका लंबा आपराधिक इतिहास है। इनकी मनोवृत्ति अपराधी व भू माफिया की है। जमानत पर रिहा होने पर जमानत का दुरुपयोग करेंगे। राजनीतिक पृष्ठभूमि होने के कारण गवाहों को डरा-धमका कर निष्पक्ष विचारण को प्रभावित करेंगे। इसे दृष्टिगत रखते हुए जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।