मैनपुरी के पूर्व सपा विधायक राजकुमार उर्फ राजू यादव सहित पांच लोगों को स्पेशल जज एससी/ एसटी एक्ट चंपत सिंह ने कोर्ट में तलब किया है। उन पर आठ साल पहले अधिशासी अभियंता विद्युत खंड प्रथम महेंद्र कुमार के साथ मारपीट करने का आरेप है। मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख तय कर दी गई है।
ये है मामला
अधिशासी अभियंता प्रथम विद्युत महेंद्र कुमार के साथ 26 सितंबर 2014 को देवी रोड स्थित कार्यालय में मारपीट की गई थी। अधिशासी अभियंता ने तत्कालीन सपा विधायक राजकुमार उर्फ राजू यादव सहित राजेश उर्फ छुटंकी निवासी देवी रोड, रामविलास उर्फ पप्पू निवासी हवेली नारायणपुर, श्यामवीर निवासी कमलपुर, अभिनंदन निवासी नगला नंदे, प्रमोद निवासी अंजनी के खिलाफ थाना कोतवाली में मारपीट करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, बंधक बनाने, जाति सूचक गालियां देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच करने के बाद मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में भेज दी।
सम्मन भेज गए
अधिशासी अभियंता ने फाइनल रिपोर्ट को चुनौती देकर अपने अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया के माध्यम से प्रोटेस्ट पिटीशन दायर किया। पुलिस पर जांच में मनमाने तरीके से जांच करके फाइनल रिपोर्ट लगाने का आरोप लगाया। प्रोटेस्ट पिटीशन की सुनवाई स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट चंपत सिंह की कोर्ट में हुई। सुनवाई करने के बाद स्पेशल जज ने पूर्व विधायक सहित पांचों लोगों को सम्मन भेजकर तलब किया है। मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तारीख तय कर दी गई है।
पुलिस ने 34 दिन में लगा दी फाइनल रिपोर्ट
अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार ने 26 सितंबर 2014 को रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने उनका मेडिकल भी कराया। मौके का नक्शा नजरी भी पुलिस ने बनाया। पुलिस ने जांच करने के बाद मामले को झूठा बताकर 30 अक्तूबर 2014 को कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट भेज दी। पुलिस ने धारा 332, 353, 342, 506 आईपीसी, एससी/ एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। फाइल रिपोर्ट के बाद स्पेशल जज द्वारा अधिशासी अभियंता को नोटिस भेजा गया। अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार ने फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ प्रोटेस्ट पिटीशन दायर किया। इस पर पूर्व विधायक सहित पांचों लोगों को सम्मन भेजकर कोर्ट में तलब किया है।
रिटायर हो चुके हैं अधिशासी अभियंता
अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार दो साल पहले रिटायर हो चुके हैं। वर्तमान में वह बरेली में मकान बनाकर परिवार के साथ रहे रहे हैं। उनके साथ हुई मारपीट का मामला आठ साल बाद पूर्व विधायक सहित पांचों लोगों को तलब किए जाने पर एक बार फिर चर्चा में आ गया है।