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Agra News: तटीय इलाकों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

Fri, 08 Aug 2025 11:26 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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पटियाली क्षेत्र के गांव नगला नरपत में बाढ़ के पानी के बीच से होकर निकलते ग्रामीण।
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कासगंज। गंगा में बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। शुक्रवार की शाम तक गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हो गई। गंगा पहले से ही डेंजर फ्लड लेवल से ऊपर बह रही है। अब गंगा हाई फ्लड लेवल से केवल 21 सेंटीमीटर नीचे हैं। गंगा की बढ़ती धारा की जद में तटीय गांव का इलाका आ रहा है। इससे गांव में लोगों की मुसीबत भी बढ़ रही हैं। अब तक पटियाली के इलाकों में ही बाढ़ का जो प्रभाव था, वह लहरा और आसपास के गांव में भी प्रभाव बढ़ गया। कच्चे बांधों पर गंगा के पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। बाढ़ का पानी अब तक 25 से 30 गांवों तक दस्तक दे चुका है। सुबह 8 बजे नरौरा से दो लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह था। यह प्रवाह बिजनौर से नरौरा की ओर लगातार बना हुआ था। हालांकि हरिद्वार और बिजनौर के प्रवाह में शुक्रवार को कुछ कमी दर्ज हुई, लेकिन जो पूर्व का बढ़ा हुआ प्रवाह था वह लगातार जिले की ओर बढ़ रहा है। इससे गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। गंगा की बाढ़ का पानी गंगा के किनारों की जद से बाहर फैलता जा रहा है। सोरोंजी व पटियाली के तटीय गांव में भी पानी का स्तर बढ़ा है और अन्य गांव भी बाढ़ की जद में आने लगे हैं।सोरोंजी। क्षेत्र के गांव लहरा की ओर पानी बढ़ रहा है। वहीं नगला कहारन में बाढ़ का पानी घुस चुका है। इससे ग्रामीणों की भूसे की बुर्जी और कंडे के बिटौरे पानी में गलने लगे हैं। तमाम पशु पानी में ही बंधे हैं। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने अपने पशुओं को ऊंचाई वाले स्थानों पर बांध दिया है। लोगों ने गंगा के पानी की बढ़ती स्थिति को देखते हुए अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। डिंगलेशनगर, बघेला, दतलाना,कढ़ेरी, पिलोसराह, भिलौर के ग्रामीण भी चिंतित हैं और उन्हें बाढ़ के पानी के पहुंचने का अंदेशा सता रहा है। इसके अलावा पटियाली इलाके के बाढ़ प्रभावित इलाके नगला हंसी, नगला दुरजन, नगला जयकिशन, नगला नरपत, नगला पनसौती, मूंजखेड़ा, नगला दिपी, नगला हंसी, नगला खना, नगला जैली, हिम्मतनगर बझेरा, रिजौला, नगल दुरजन, नगला नैनसुख की खादर व खेतों में पानी भरा हुआ है। आबादी इलाके में पानी की दस्तक है। यह सभी गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। यहां तक की लोग मोटर वोट के सहारे आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि बाढ़ का पानी और बढ़ेगा। चकरा के ताल में बाढ़ के पानी की दस्तक हो गई है। वहीं अजीतनगर, उलाई के खेतों में पानी भर गया है। नगला चोखे एवं नगला ढाव में भी खेतों में पानी है। चारागाहों में भी पानी भर जाने से पशुओं के चरने का संकट पैदा हो गया है।
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