पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव नगला जय किशन मार्ग पर बह रहे गंगा के पानी के बीच से होकर गुजरता
कासगंज। तीन दिनों से लगातार नरौरा बांध से बढ़ा हुआ डिस्चार्ज चलने के कारण जिले में लो-फ्लड के हालात बन गए हैं। इसके असर से 15 से अधिक गांव प्रभावित हैं। इन गांव के ग्रामीणों के खेतों में फसलें जलमग्न हो गई हैं। वहीं मूंझखेड़ा-नरदौली मार्ग पर गंगा की बाढ़ का पानी बह रहा है जिससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही हैं। ग्रामीण आबादी तक पानी की दस्तक नहीं है वह सुरक्षित है, लेकिन ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।सर्वाधिक असर पटियाली तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में हुआ है। जहां नगला दुरजन, नगला नरपत, मूंझखेड़ा, नगला नैनसुख, नगला जयकिशन, नगला खना, नगला हंसी, नगला चतुरी, नगला पदम, नगला ऐवरन, नगला जैली, नगला नकारा आदि गांव की खादर के खेतों में पानी भर गया है। इलाके के सभी बांधों के किनारों पर भी बाढ़ के पानी की दस्तक हो चुकी है। बरी बगवास, सहवाजपुर, कादरगंज, बरौना सहित अन्य बांधों से सटकर पानी चल रहा है, लेकिन अभी सभी बांध सुरक्षित हैं। बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव मूंझखेड़ा-नरदौली मार्ग पर नजर आया। यहां सड़क पानी बह रहा है। यह सड़क जगह-जगह कट गई है, जिससे आवागमन में ग्रामीणों केा दिक्कतें हो रही हैं। दोपहिया वाहन सवारों को भी वाहन निकालने में दिक्कत होती रहीं। बहोरनपुर में गांव के बाहरी इलाके में गंगा के पानी की दस्तक हो चुकी है। देवकली गांव के सामने भी गंगा का पानी पहुंच गया है। वहीं,नगला ढाव व नगला उल्ली के खेतों में गंगा का पानी पहुंचा है। नगला दुरजन के ग्रामीण उर्वेश ने बताया कि मंगलवार की रात में ही गांव में खेतों की ओर गंगा का पानी पहुंचने लगा। सुबह तक ग्रामीणों के खेतों में पानी भर गया। इस समय खेतों में मक्का, गन्ना सहित अन्य फसलें लगी हुई हैं। वहीं,नगला जय किशन के नरेंद्र ने बताया कि पहली बारिश के बाद ही गंगा में उफान आ गया। इससे ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। अभी पूरा मानसून का सीजन बाकी है। गांव के लोग काफी चिंतित हो रहे हैं।नहरा गंगा में उफान की स्थिति के बाद लगातार लहरा की तलहटी में पानी बढ़ता जा रहा है। तलहटी के खेतों में पानी भर गया है। खेतों में पानी भरने से मक्का, मूंगफली की फसलों को नुकसान हो सकता है। लहरा गांव की सड़क व बस्ती की ओर भी पानी पहुंच रहा है। जिससे लोग चिंतित हो उठे हैं। पानी बढ़ने पर लहरा क्षेत्र के गांव डिंगलेसनगर, खेड़ा, कुबेरनगरी, पिलोसराय, बघेला आदि गांवों में पहुंच सकता है। लहरा सड़क से घाट की ओर जाने वाले विद्युत पोल पानी से घिर गए हैं। पानी बढ़ने से 11 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले पर भी प्रभाव होगा। प्रभारी निरीक्षक जगदीश सिंह लहरा में पानी बढ़ने की सूचना पर पहुंचे और ग्रामीणों से अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का निर्देश दिया।सिंचाई विभाग के अभियंता बांधों पर गंगा का पानी पहुंचने के बाद सक्रिय हो गए। अधिकारी बरीबगवास के बांध पर पहुंचे। यहां बांध का गहनता से निरीक्षण किया। यहां बांध के दोनों ओर गंगा का पानी पहुंच गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांध पर नापतौल भी की। इसके अलावा सहवाजपुर, कादरगंज, बमनपुरा इलाके में भी सिंचाई विभाग के अभियंता शेरसिंह, सहायक अभियंता संदीप जैन ने मौके का निरीक्षण किया।गंगा में हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बांधों से पानी का डिस्चार्ज कम होने लगा है। हरिद्वार का डिस्चार्ज करीब 61 हजार क्यूसेक पर चल रहा था। वहीं बिजनौर का डिस्चार्ज 38 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। नरौरा से डिस्चार्ज भी घटकर 1.16 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया है। कछला ब्रिज पर भी केवल जलस्तर में 24 घंटे में 2 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। आज बृहस्पतिवार को जलस्तर में कमी होने के संकेत हैं।