फिरोजाबाद। सड़क के रास्ते गंतव्य की ओर जा रहे लोगों को रास्ते में भोजन-पानी की उपलब्धता के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वयंसेवी संस्था अथवा ढाबा संचालकों के सहयोग से हरेक पांच से 10 किलोमीटर के दायरे में ढाबा आदि खोले जाएंगे। अन्य जिलों में इस तरह की व्यवस्था लागू होने के बाद,जिला प्रशासन इस मंथन कर रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए लागू जनता कर्फ्यू के दौरान सैकड़ों-हजारों लोग अपने घरों की ओर लौटने की आपाधापी में हैं। बहुत से लोग सडक रास्ते सैकड़ों किलोमीटर दूर पैदल चल गंतव्य की ओर निकल पडे़ हैं।पैदल घरों की ओर निकले लोगों एवं ट्रक-लॉरी चालकों को रास्ते में खाने-पीने की दिक्कत नही हो। इसके लिए प्रशासन हरेक पांच व दस किलोमीटर के दायरे में (खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों) ढाबा अथवा होटल खुलवाने पर विचार कर रहा है। ढाबा संचालन में स्वयंसेवी संस्थाओं व ढाबा संचालकों का संचालकों का सहयोग लिया जाएगा। जो सस्ती दर पर राहगीरों को भोजन व आराम के लिए स्थल उपलब्ध कराएंगे। पंक्चर जोड़ने वाली दुकानों को भी खोलने पर विचार- रास्ते में चल रहे दुपहिया व चार पहिया वाहन पंक्चर होने की स्थिति में जहां के तहां खडे़ हैं। पंक्चर दुकानें बंद होने की स्थिति में चालकों को भारी दिक्त तें हो रहीं हैं। शिकायतें संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन हाईवे किनारे पंचर दुकानों को खोलने पर विचार कर रहा है।