जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव ने सोमवार को प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड के साथ जेल का निरीक्षण किया। जेल की बैरकों में पहुंचकर बंदियों की समस्यायें सुनीं। पांच बंदियों ने मुकदमा लड़ने के लिए निशुल्क वकील दिलाने की मांग की।
सोमवार को जेल पहुंचकर प्राधिकरण की प्रभारी सचिव/सिविल जज नम्रता सिंह ने प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड/एसीजेएम सत्येंद्र कुमार चौधरी के साथ निरीक्षण किया। जेल की बैरक नंबर सात-ए, सात-बी, आठ-ए, आठ-बी, महिला बैरक, बाल बैरक में पहुंचकर बंदियों की समस्यायें सुनीं। बाल बैरक में आमिर, महिला बैरक में रेनू, रामरानी, सामान्य बैरक में उदित नारायण सक्सेना, ब्रजेश कुमार ने निशुल्क वकील दिलाने की मांग न्यायिक अधिकारियों से की। जेल में दस बंदी जेल शिक्षक ब्रजेश चतुर्वेदी से कंप्यूटर की शिक्षा लेते मिले। जेलर पवन कुमार त्रिवेदी, देवेंद्र पाल ङ्क्षसह, जेल पीएलवी अजय चौहान मौजूद रहे।
जमानतगीरों के अभाव में रिहाई नहीं
निरीक्षण में तीन बंदी ऐसे मिले जिनकी न्यायालय से जमानत मंजूर होने के बाद भी जमानतगीरों के अभाव में जेल से रिहाई नहीं हो पा रही है। प्राधिकरण सचिव ने जेलर से कहा कि तीनों बंदी उपेंद्र, मोहन, लुक्का के परिजन से संपर्क करके उनकी जमानत भरवाने के लिए संपर्क करें। जिससे तीनों की जेल से रिहाई हो सके।