पांच लाख छात्रों को नहीं मिले प्रवेश पत्र
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तो क्या डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय बिना प्रवेश पत्र के परीक्षा कराएगा। दो सेशन पहले विश्वविद्यालय ने ऐसी गलती की थी, जिसके चलते भारी अराजकता हुई थी। इस बार फिर से इसकी आशंका इसलिए बन रही है क्योंकि परीक्षा कल 11 मार्च से शुरू होनी है जबकि अभी तक पांच लाख छात्र-छात्राओं को प्रवेश पत्र नहीं मिल पाए हैं।
इसमें साढ़े छह सौ कालेजों के सात लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। साढ़े चार सौ कालेजों की लॉग-इन आइडी में प्रवेश पत्र अपलोड़ नहीं किए गए हैं। ऐसे करीब पांच लाख छात्र हैं, जो प्रवेश पत्र से वंचित हैं। इधर प्रवेश पत्र अपलोड़ न होने पर कालेज संचालकों की मुसीबत खड़ी हो गई है।
विश्वविद्यालय पहुंचने पर भी अधिकारी उनको लेटलतीफी की वजह नहीं बता रहे। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह का कहना है कि परीक्षा कार्य करने वाली एजेंसी को प्रवेश पत्र अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। 24 घंटे ये कार्य चल रहा है।
छात्रों की भूख हड़ताल जारी
- चार सूत्रीय मांगों के लिए समाजवादी छात्र सभा के चार सदस्यों की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। विश्वविद्यालय परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे सभा जिलाध्यक्ष आलोक यादव, विपिन कुमार, सुनील सिंह और मानवेंद्र जादौन का कहना है मांग पूरी न होने तक अनशन जारी रहेगा। बता दें बीएड घोटाले की जांच, एक खिड़की पर छात्रों की सभी समस्याओं की सुनवाई, मार्कशीट त्रुटियां ठीक कराने जैसी मांगें हैं।