आगरा के बाह थाना क्षेत्र के जैतपुर के फतेहपुरा गांव में रहने वाले किसान महेश सिंह (60) की बुधवार शाम सा बजे कोहरे के समय नाले में गिरकर मौत हो गई। वह खेत से घर लौट रहे थे। परिजन को रात में वह नाले में मृत पड़े मिले। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया।
परिजन ने बताया कि महेश सिंह खेत पर फसल की रखवाली के लिए गए थे। अंधेरा होने तक घर नहीं लौटे तो तलाश शुरू की गई। रात साढ़े आठ बजे वह वह नाले में मृत मिले। जैतपुर सीएचसी लेकर गए, चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी सुभद्रा देवी, बेटे राजीव सिंह, गोपाल सिंह की रो-रोकर हालत खराब है। थानाध्यक्ष जैतपुर ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि कोहरे में नाले में गिरने से किसान की जान गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया है।
15 दिनों में पांच मौतें, कोहरा में खतरा ज्यादा
पंद्रह दिनों में नाले में गिरने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। आठ हादसों में छह लोग घायल भी हुए। धनौली में मुल्ला की प्याऊ पर दो बच्चियों की मौत के बाद यह सिलसिला शुरू हुआ, जो रुका नहीं है। शहर से देहात और हाईवे तक खुले पड़े नालों में लोगों के गिरने के कारण मौत हो रही है, लेकिन एक भी नाले को अब तक ढका नहीं गया। धनौली में जिस जगह हादसा हुआ, केवल वहीं स्लैब डाला गया, जबकि नेशनल हाईवे के कुबेरपुर, छलेसर तक नाले खुले पड़े हैं।
नालों की दीवारें जर्जर, कराएं मरम्मत
शहर में अशोक नगर, लोहामंडी, बैनारा फैक्टरी, खातीपाड़ा, नौबस्ता, राजनगर, पचकुइयां, बिजलीघर, गोविंद नगर समेत नाले खुले पड़े हैं, जिनमें लोगों के गिरने के हादसे हुए हैं। इन नालों की दीवारें टूट चुकी हैं, जिसमें साइट पटरी की सड़क का कटान होने से नालों में गिरने की आशंका है। पार्षद बंटी माहौर ने बताया कि निगम के पास नालों की दीवार बनवाने का बजट नहीं है। अधिकारी बजट की कमी बता देते हैं, पर यह लापरवाही जानलेवा है। पार्षद रवि माथुर ने नगर निगम से सभी नालों की टूटी दीवारों की मरम्मत कराने और खतरनाक जगहों पर लोहे के जाल रखने की मांग की है।