पटियाली। विकास खंड क्षेत्र के नगला किशोरी गांव में शुक्रवार को अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। आग ने ऐसा तांडव मचाया कि देखते ही देखते 19 ग्रामीणों की झोपड़ी, बुर्जी, बिटोरों सहित कृषि यंत्र जलकर राख हो गए। साथ ही एक पशु भी बुरी तरह से झुलस गया। फायर ब्रिगेड ने बड़ी बमुश्किल से आग पर काबू पाया।
शुक्रवार को नगला किशोरी गांव निवासी श्याम सिंह की झोपड़ी में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। जब तक श्याम सिंह और उसके परिवार के लोग कुछ समझ पाते, झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। पड़ोस की नन्हें, राघेश्याम, महेश, छोटेलाल, रामजी लाल, राजेंद्र, रामोतार, वीरपाल, मुकेश, पप्पू, काली चरण, ईश्वर दयाल, भगवान सिंह, रमेश, नरेश, सोमवती, महावीर, रैदास आदि के 19 ग्रामीणों की झोपड़ी, बुर्जी व बिटोरे भी आग की चपेट में आकर जलने लगे। यह देखकर ग्रामीणों में चीख पुकार मच गई।
इसी दौरान झोपड़ी में बंधी भैसें चीखने लगी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर भैसों को जलती झोपड़ी से बाहर निकाला। इसके बाद भी भैस झुलस गई। आग का विकराल रूप देख ग्रामीणों के हाथ पांव फूल गए। ग्रामीणों ने इस घटना की जानकारी दमकल कर्मियों को दी। साथ ही खुद भी घरों में लगे नलों व खेतों में लगे पंप सेटों से पानी भर कर आग पर डालने लगे। फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उप जिलाधिकारी कुलदीप सिंह ने कहा कि अग्नि पीड़ित परिवार की नियम अनुसार हर संभव मदद की जाएगी।
आग में जल गया गृहस्थी का सभी सामान
झोंपड़ियों, बुर्जी-बिटौरों में लगी आग जब तक शांत हुई, तब तक झोपड़ियों में रखा गृहस्थी का सामान चारपाई, बिस्तर, बर्तन, गल्ला, कपड़े, तंबाकू, नगदी सहित, कुटी मशीन एवं कृषि यंत्र जल गए। वहीं रामजीलाल की भैंस का बछड़ा भी आग में झुलस गया।
आग की सूचना पर पहुंचा प्रशासन
ग्रामीणों से अग्निकांड की सूचना उप जिलाधिकारी कुलदीप सिंह को दी। एसडीएम ने तहसीलदार जितेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार मुकेश कुमार, कोतवाली निरीक्षक गोविंद बल्लभ शर्मा, राजस्व निरीक्षक जबर सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल सुशील कुमार को मौके पर भेजकर क्षति का आंकलन कराया।