कासगंज। अमांपुर बाल विकास परियोजना में तैनात रहे कनिष्ठ सहायक के खिलाफ पुष्टाहार का गबन करने का दोषी पाए जाने के बाद प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई की गई है। लिपिक से खाद्यान्न के गोलमाल की साढ़े पांच लाख रुपये से अधिक की धनराशि भी वसूली की जाएगी। तत्कालीन सीडीपीओ ने सचिन ने लिपिक निखिल शर्मा को स्टोर इंचार्ज का प्रभार भी सौंप रखा था। लिपिक ने 11 स्वयं सहायता समूह को 46 आंगनबाड़ी केंद्रों का सितंबर 2024 का पुष्टाहार उपलब्ध नहीं कराया। इसकी शिकायत की गई। शिकायत के बाद स्वयं सहायता समूह से जुडे आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ताओं से भी पूछताछ की गई। इसमें राशन नहीं मिलने की पुष्टि हो गई। इसके बाद उनको दिसंबर 2024 में स्टोर इंचार्ज के पद से हटा दिया गया। मामले की जांच खंड विकास अधिकारी को सौंपी गई। खंड विकास अधिकारी अमांपुर ने भी इस मामले में अपनी रिपोर्ट में पुष्टाहार उपलब्ध नहीं कराने की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डीपीओ ने लिपिक को 19 मार्च 2025 को सितंबर 2024 की वितरण पंजिका के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने डीपीओ सुशीला को आरोपी लिपिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए।इसके बाद सीडीपीओ सतीश चंद्र ने लिपिक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। डीपीओ ने बताया कि लिपिक से गोलमाल किए गए राशन की 5,52,692, 50 रुपये की धनराशि की बसूली की जाएगी।