वृंदावन में प्रेम मंदिर के गोदाम में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि धुएं का गुबार एक किलोमीटर दूर तक देखा जा रहा था। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
मथुरा के वृंदावन में प्रेम मंदिर परिसर में पीछे की ओर बने गोदाम में मंगलवार शाम करीब पांच बजे आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। करीब दो किलोमीटर तक धुएं का गुबार नजर आया। गोदाम में लकड़ी के खिड़की और दरवाजे बनाने का काम होता था। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़यों ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब दस बजे आग पर काबू पा लिया।
गोदाम में थिनर के ड्रम भी रखे थे जिससे आग तेजी से बढ़ी। देर रात तक किसी जनहानि की सूचना नहीं थी। अनुमान के मुताबिक आग से करीब बीस लाख रुपए का फर्नीचर स्वाहा हो गया। आग किस वजह से लगी। इसका पता नहीं चल पाया है।
मंदिर के पीछे बना है अस्थाई गोदाम
मंदिर के पीछे गेट नंबर छह के पास टिन शेड डालकर अस्थाई गोदाम बना हुआ है, जिसमें दरवाजे और खिड़कियां बनाने का काम चल रहा था। बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। गोदाम में आग बुझाने के इंतज़ाम नहीं थे। आनन फानन में मंदिर और कृपालु अस्पताल में लगे आग बुझाने के उपकरणों से काबू पाने की कोशिश हुई, लेकिन आग बढ़ती जा रही रही। तभी दमकल विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही देर बाद चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं ओर आग बुझाना शुरू किया।
दमकल कर्मियों के साथ मंदिर कर्मचारियों ने सहयोग किया। करीब दस बजे आग पर काबू पा लिया गया, हालांकि रुक-रुक कर चिंगारियां उठ रहीं थी। सीओ सदर प्रवीण मलिक ओर एसएचओ विजय कुमार सिंह भी मौकै पर पहुंचे। जिला अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आग के कारणों की जांच की जाएगी।
पास में ही था इलेक्ट्रिकल सामान का गोदाम
प्रेम मंदिर के जिस गोदाम में आग लगी उसके पास ही इलेक्ट्रिकल सामान का भी गोदाम था, लेकिन गनीमत रही कि वहां तक आग की लपटें नहीं पहुंच पाईं वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
गोपीनाथ बाजार स्थित नगला में भी आग लगने की घटना हुई। यहां आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि जिस मकान में आग लगी वह संकरी गली में था। उधर, मंगलवार को ड्राईक्लीन करने वाले कमल के मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, गनीमत रही कि जिस वक़्त आग लगी तब मकान में कोई नहीं था। आग ने कुछ देर में पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तपन के कारण दो मंजिला मकान के ऊपर की छत गिर गई।