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हजारों बीघा धान की फसल फसल डूबी

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09एमएनपी-50-किशनी क्षेत्र में खेतों में हुआ जलभराव - फोटो : MAINPURI
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किशनी। सड़क बनाने में ठेकेदार की मनमानी किसानों पर भारी पड़ने लगी है। किसानों की हजारों बीघा धान की फसल पानी में डूब चुकी है। किसानों के बुलाने पर भारतीय किसान यूनियन किसान के जिलाध्यक्ष ने उच्चाधिकारियों से बात कर समाधान निकालने को कहा है। आक्रोशित किसानों ने मंगलवार को प्रदर्शन करके समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
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तहसील किशनी के गांव अंबरपुर, हविलिया तथा रघुनाथपुर के किसानों ने धान की फसल डूब जाने के विरोध में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी से समस्या का समाधान कराने की मांग की है। एक बरसाती नाला रम्पुरा कुर्रा की ओर से आता है। जो इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। समस्या तब पैदा हुई जब किशनी करहल रोड से एक संपर्क मार्ग का निर्माण गांव कृपालपुर के लिए किया गया। नाला पर ठेकेदार ने पानी निकालने के लिये तीन ढोल डाल दिए। किसानों का आरोप है कि जब सड़क का निर्माण किया गया था तब किसानों ने ढोल डालने की बजाय नाला पर पुलिया बनाने का अनुरोध किया था। पर ठेकेदार ने अपनी मनमानी कर पुलिया के नीचे तीन ढोल डाल दिए थे। अब वही मनमानी किसानों पर भारी पड रही है। हविलिया, सुंदरपुर, अम्बरपुर, रघुनाथपुर तथा कृपालपुर के किसानों की हजारों बीघा धान की हाल में ही रोपी गई फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्दी ही पानी निकालने का कोई प्रबन्ध न किया गया तो धान की फसल खेतों में ही सड़ जाएगी। किसानों के प्रदर्शन की जानाकरी होने पर जिलाध्यक्ष अनुरुद्ध दुबे, रमन यादव, राघवेंद्र चौहान, गौरव चौहान मौके पर पहुंचे। एडीएम रामजी मिश्रा तथा पीडब्ल्यूडी के असिस्टेंट इंजीनियर आरपी सिंह से बात करके समस्या का समाधान कराने को कहा। करनसिंह, रामनरायण, सीताराम, मुन्नालाल, शिवराज, मनोज यादव, अलकेश कुमार, प्रदीप कुमार, बिशंभर दुबे, प्रमोद दुबे, शहदेव, जयदेव, सर्वेश दुबे मौजूद रहे।
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