उत्तर प्रदेश के एटा मेडिकल कॉलेज में पांच हजार रुपये में नवजात बच्ची को बेचने के मामले में वार्ड के बाहर तैनात दो महिला होमगार्ड पर कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। उधर, बच्ची की मां का कहना है कि बच्ची को वह पालेगी। उसे जानकारी दिए बिना ही पति ने बच्ची को बेच दिया था।
बिहार प्रदेश के गया निवासी युवक जिले में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। मंगलवार की रात उसकी पत्नी ने मेडिकल कॉलेज में बेटी व बेटे को जन्म दिया। बुधवार की सुबह एक महिला उसके पास पहुंची। उसने शहर के जगन्नाथपुरी निवासी एक व्यक्ति को बुला लिया। उसने पांच हजार रुपये में सौदा किया और बच्ची को ले जाने लगा।
मामला कॉलेज के कर्मचारियों के संज्ञान में आया तो बच्ची को वापस कराया गया। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने सुरक्षा में तैनात महिला होमगार्ड की लापरवाही मानते हुए हटाने के लिए होमगार्ड कमांडेट को पत्र लिखा है। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के बाद भी महिला वार्ड में कैसे पहुंची?
उधर, प्रसूता ने बताया कि उसको तो बच्ची बेचे जाने के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। बाद में पता लग पाया। वह अपनी बच्ची को किसी को नहीं देगी। बृहस्पतिपार को वह बच्ची को अपने सीने से चिपकाए बैठी थी। जबकि दूसरा बच्चा बेड पर लिटा दिया था। भीड़ देख वह एक ही बात बोल रही थी कि बच्चा किसी को नहीं देना है।
सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि बच्ची बेचने के बारे में जानकारी होते ही बच्ची व रुपये वापस कराए गए थे। महिला होमगार्ड को हटाने के लिए कमांडेट को पत्र लिखा है। दलालों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पकड़े जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
कॉलेज में दलालों का रहता है जमाबड़ा
एमसीएच विंग से लेकर इमरजेंसी तक दलाल घूमते रहते हैं। यह मौका मिलते ही मरीज को गुमराह कर नर्सिंग होम में भेज देते हैं। वहीं प्राइवेट एंबुलेंस भी दलालों के इशारे के इंतजार में कॉलेज के गेट के बाहर दिन-रात खड़ी रहती है। कभी-कभी तो दिन में कॉलेज के अंदर तक रहती हैं। इसी तरह एमसीएच विंग में प्रसव कराने वाले परिवारों पर भी दलालों की नजर रहती है।