कासगंज। मरीज को न खांसी आ रही और न ही बलगम की शिकायत है, लेकिन आंतों में टीबी का बैक्टीरिया पनप रहा है। जिले में आंतों की टीबी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। खानपान में लापरवाही लोगों को टीबी का मरीज बना रही है। शासन से टीबी की बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए तमाम जतन किए जा रहे हैं। वर्तमान में चल रहा वर्ष 2025 तक इस बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य है, लेकिन जिले में इस बीमारी के मामले लगातार सामने आ रहे है। बीमारी फेंफडों के अलावा शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर रही है। लोगों के खानपान में आए बदलाव से आंतों में भी टीबी के बैक्टीरिया कुंडली मार रहे हैं। ऐसे मरीजों को टीबी की बीमारी के खांसी, बलगम नहीं निकल रहा। अन्य दिक्कत होने पर जांच कराने के बाद आंतों में टीबी की पुष्टि हो रही है। जिले में इस बीमारी के एक-दो मरीज पीड़ित नहीं हो रहे। अच्छी खासी संख्या में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं। वर्ष 2024 में 4767 मरीजों में टीबी की बीमारी सामने आई। इनमें से आंतों की टीबी के सौ मरीज सामने आए। इससे पहले आंत की टीबी के मरीजों की संख्या न के बराबर रहती थी। आंतों में फैलती टीबी की बीमारी को चिकित्सक चिंताजनक मान रहे हैं। क्योंकि यह बीमारी जल्दी पकड़ में नहीं आती। जब तक यह पकड़ में आती है तब तक टीबी आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचा चुकी होती है। इसकी वजह से आंतों में घाव हो जाते हैं और टीबी जानलेवा हो जाती है।