कासगंज। रबी की फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे डीएपी के लिए किसान परेशान है। जिले को 1098 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति मिलते ही किसान सहकारी समितियों की ओर दौड़ पड़ा। किसानों को कई-कई घंटे लाइन में लगने के बाद बमुश्किल डीएपी मिल सकी। किसान को गेंहू की फसल की बुवाई के लिए डीएपी की आवश्यकता हैरबी की फसल में अभी गेहूं की फसल की बुवाई किसान को करनी है। पिछले कई दिनों से सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं थी। किसानों को समितियों एवं क्रय विक्रय समितियों से वापस लौटना पड़ रहा था। शुक्रवार को डीएपी के रैक आने से जिले के लिए 1098 मीट्रिक टन खाद की उपलब्धता हो गई। इस खाद को सहकारी समितियों एवं क्रय विक्रय समितियों पर आपूर्ति कर दी गई। जैसे ही किसानों को खाद के आने की जानकारी मिली, किसान न सहकारी समितियों एवं क्रय विक्रय समितियों की ओर दौड़ लगा दी। सुबह जल्द ही किसान समितियों पर पहुंच गए और लाइन लगा दी। समितियों पर किसानों की काफी लंबी-लंबी कतारें लग गई। डीएपी लेने पहुंचे किसानों को अपनी बारी के लिए कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ा। इसके बाद ही उनको खाद मिल सकी।