कासगंज। जिले की अधिकतर सहकारी समितियों पर डीएपी खाद खत्म हो गई है। किसान परेशान हैं। उन्हें गेहूं की बुवाई की चिंता सता रही है। अभी जिले में 30 हजार हेक्टेयर गेहूं की बुवाई होनी शेष है। इसके अलावा अन्य फसलों की भी बुवाई भी बाकी है।इस समय गेहूं, जौ की फसल की बुवाई का सीजन चल रहा है। सहकारिता विभाग से समितियों के लिए पिछले दिनों पांच हजार बोरी डीएपी (खाद) का उठान कराया गया। अधिकतर समितियों पर खाद खत्म हो चुकी है। किसी समिति पर खाद बची भी है तो वह इतनी नहीं है कि किसानों की जरूरत पूरी हो सके। खाद समाप्त होने से समितियों पर ताले लटक गए हैं। नतीजा खाद लेने पहुंचे किसान ताला लटका देख कर लौट जाते हैं। गेहूं की फसल दिसंबर के पहले पखवाड़े तक बोई जाएगी, लेकिन किसानों के सामने खाद का संकट आ गया है। उनकी चिंता बढ़ गई है। किसानों को अपनी फसल की बुवाई के पिछड़ने का डर लगने लगा है। विभाग की मानें तो अभी खाद की रैक को आने में चार दिन का समय लग सकता है।