अमांपुर। कस्बे में सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं है। जबकि निजी क्षेत्र में डीएपी खाद निर्धारित मूल्य से अधिक पर मिल रही है। इससे किसान परेशान हैं।
सहकारी समिति पर डीएपी का स्टाॅक समाप्त हो गया है। जबकि निजी क्षेत्र में स्टॉक तो हैए लेकिन उन पर मनमाने दामों में खाद की बिक्री हो रही है। इससे किसान सहकारी समितियों पर खाद के लिए निर्भर हो रहे हैं। क्षेत्र के बनूपुरा निवासी किताब सिंह ने बताया कि फसलों की बुवाई के लिए डीएपी खाद की जरूरत है, लेकिन सहकारी समिति पर नहीं है। जाटऊ निवासी किसान महीपाल ने बताया कि निजी क्षेत्र में डीएपी के दाम अधिक वसूले जा रहे हैं। इससे किसानों को सहकारी समितियों पर जाना पड़ रहा है, लेकिन वहां खाद नहीं मिल रही। किसान धर्मवीर, हरवीर रामबाबू ने कहा कि आठ दिन से डीएपी के लिए चक्कर काट रहे है। सचिव दिनेश कुमार व ओमकार सिंह चौहान ने बताया कि 17 नवंबर तक रैक आने की संभावना है।