अमांपुर। कस्बा की सहकारी समिति पर शनिवार को भी किसान सुबह से शाम तक डीएपी आने का इंतजार करते रहे। लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें बगैर खाद लिए ही लौटना पड़ा। शनिवार को भी समिति पर डीएपी न आने के कारण इसका वितरण नहीं हो सका।क्षेत्र में किसानों का गेंहू, आलू, सरसों की बुवाई का समय चल रहा है। ऐसे में डीएपी की बहुत जरूरत है। जबकि सहकारी समिति पर डीएपी का स्टाॅक समाप्त हो गया है। क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत के बीच किसानों ने फसलों की बुवाई को खेत तैयार कर लिए हैं। फसलों की बुवाई के लिए डीएपी की रैक का इंतजार कर रहे हैं। सहकारी समिति आदि के चक्कर लगाकर खाद के बारे में पता कर रहे हैं, ताकि रैक आते ही उन्हें पहले खाद उपलब्ध हो सके। क्षेत्र के सरसई निवासी किसान रिषभ सोलंकी ने बताया कि फसलों की बुवाई के लिए डीएपी खाद की जरूरत है, लेकिन सहकारी समिति पर नही है। निजी खाद विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दामों में डीएपी खाद बेच रहे हैं। जिसकी वजह से किसान परेशान हैं। लोधीपुर निवासी किसान पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि आलू, गेहूं, मटर, सरसों आदि की बुवाई के लिए यह उपयुक्त समय है। खेतों को फसलों की बुवाई के लिए पूरी तरह से तैयार कर लिया है। डीएपी खाद की कमी बनी हुई है। जैसे ही खाद मिलेगी, वह फसलों की बुवाई कर देंगे। किसान हरवीर निवासी अर्जुनपुर ने कहा कि गेहूं की बुवाई का समय है। किसानों को इस समय डीएपी की बहुत जरूरत है। किसान डीएपी न मिलने से काफी परेशान है। सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि 11 नवंबर तक रैक आने की संभावना है। शीघ्र ही डीएपी आने पर उपलब्ध कराई जाएगी।