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एक्सक्लूसिव: किसानों ने अपने खर्च पर कराए रीबोर, प्रधान व सचिव ने सरकारी खजाने से हड़पी रकम; पढ़ें पूरा मामला

Wed, 23 Oct 2024 01:00 PM IST
भूपेन्द्र सिंह देश दीपक तिवारी, अमर उजाला, आगरा

सार

ताजनगरी में चमरौली ग्राम पंचायत में प्रधान व सचिव पर 1.30 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है। पीड़ित किसानों ने डीएम से सरकारी धन की वसूली व खर्च वापसी की गुहार लगाई है। 
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गढ़ी गुसाई में बोरिंग, हरिभान सिंह, पीड़ित किसान रनवीर सिंह, पीड़ित किसान रामगिरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में सरकारी धन के बंदरबांट का नमूना देखिए। हैंडपंप की बोरिंग फेल होने पर किसानों ने अपने खर्च पर रीबोर कराया। प्रधान और सचिव रीबोर की रकम सरकारी खजाने से हड़प गए। पीड़ित किसान रामगिरी और रनवीर सिंह ने 1.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए डीएम से प्रधान और सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाई है।

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फतेहाबाद ब्लॉक की चमरौली ग्राम पंचायत में गढ़ी गुसाई का मामला है। रामगिरी ने बताया कि उनके घर के बाहर हैंडपंप था। ग्रामीण इससे पानी भरते थे। वर्ष 2020-21 में हैंडपंप की बोरिंग खराब हो गई। उन्होंने 70 हजार रुपये खर्च कर रीबोर कराया। 

2023-24 में प्रधान कप्तान सिंह और तत्कालीन सचिव नरेंद्र कुमार ने रीबोर की मरम्मत के नाम पर जय भोले कंस्ट्रक्शन के माध्यम से 70 हजार रुपये ग्राम पंचायत निधि से निकाल ली। भुगतान पर पंचायत सचिव नरेंद्र कुमार और प्रधान कप्तान सिंह के हस्ताक्षर हुए हैं।
 

ऐसा ही चमरौली के गढ़ी घुसाई निवासी रनवीर सिंह के साथ हुआ। रनवीर ने बताया कि उनके घर के बाहर भी सार्वजनिक हैंडपंप था। बोरिंग फेल होने पर ठीक कराने के लिए उन्होंने 35 हजार रुपये खर्च किए। इस रीबोर के नाम पर भी प्रधान और सचिव ने मिलकर 41,879 रुपये रीबोर और 17,740 रुपये मजदूरी के नाम पर कुल 59,610 रुपये 2022-23 में पंचायतराज योजना से निकाल लिए।
 

दोनों किसान मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। डीएम के नाम शिकायत व शपथपत्र एडीएम प्रोटोकॉल को सौंपते हुए आरोपियों से सरकारी धन की वसूली, धोखाधड़ी में मुकदमा दर्ज कर खर्च राशि वापस कराने की गुहार लगाई है।

काम हुए नहीं, कागजों में भुगतान

चमरौली ग्राम पंचायत सदस्य हरिभान सिंह का आरोप है कि भुगतान के बाद सचिव नरेंद्र कुमार ने तबादला करा लिया। नए सचिव भी प्रधान के साथ मिले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाए कि प्रधान और सचिव ने मिलकर पिछले तीन साल में पंचायत में 50 लाख रुपये का घोटाला किया है। धरातल पर कोई काम नहीं हुए, लेकिन भुगतान हो गए।
 

गंभीर प्रकृति का मामला

शिकायत के लिए किसान आए थे। मामला प्रथम दृष्ट्या गंभीर प्रकृति का प्रतीत हो रहा है। सीडीओ स्तर से जांच कराई जाएगी। दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई होगी। -प्रशांत तिवारी, प्रभारी जनसुनवाई व एडीएम प्रोटोकॉल
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टीम से कराएंगे जांच

फतेहाबाद ब्लॉक की चमरौली ग्राम पंचायत का मामला संज्ञान में आया है। आरोपों की जांच टीम से कराई जाएगी। फर्जीवाड़ा मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। -प्रतिभा सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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