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Agra News: गंगा के कटान से कराहे किसान

Thu, 25 Sep 2025 04:14 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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फोटो संख्या 30- कासगंज के सुन्नगढ़ी किलौनी में कटान करती गंगा। स्रोत: संवाद
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कासगंज। गंगा की बाढ़ थमी तो अब तटीय इलाके के किसान गंगा के कटान की मार झेल रहे हैं। सुन्नगढ़ी किलौनी में पिछले एक सप्ताह से चल रहे कटान में अब तक 500 बीघा जमीन गंगा में कटकर समा चुकी है। अभी भी कटान की रफ्तार तेज है। किसान की कटान की आपदा से कराह उठे हैं। किसान के खेतों में जो फसलें लग रहीं थीं वह भी भूमि के साथ गंगा में समा गई हैं।गांव के कटान पीड़ित किसान लगातार शासन प्रशासन से कटान रोकने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक आपदा को रोकने के लिए सिंचाई विभाग के द्वारा प्रयास नहीं हो पाए हैं। किसी किसान की 4 बीघा भूमि कटान का शिकार हुई है तो किसी की दस बीघा। जैसा जिस किसान की भूमि का रकवा है उसी के अनुसार उसकी भूमि गंगा में समाती जा रही है। ग्रामीण के मुताबिक पांच सौ बीघा से अधिक भूमि का कटान हो चुका है और खेतों में जो भवन बने थे वह कटान का शिकार हो चुके हैं। कटान की आपदा से किसान इतने भयभीत हैं कि वे बार बार गंगा किनारे पहुंचकर खेतों के कटान को देखते हैं तो वह कराह उठते हैं। वह कटान को रोकने के लिए कुछ भी करने में सक्षम नहीं हैं। सिंचाई विभाग भी तेजी से कटान की स्थिति के चलते कुछ भी कर पाने में असमर्थ हो रहा है। सिंचाई विभाग भी प्राकृतिक रूप से कटान के रुकने की प्रतीक्षा का रहा है गंगा कटान से चालीस से अधिक किसानों की भूमि जद में आ चुकी है। इन पीड़ित किसानों में रोहताश, समशेर, राजवीर, विकास, विनय, फरीद, अशोक, अजय, कैलाश, रामदेवी, ओमदेवी, जसवीर, जितेंद्र, इकराम, मुनीश, मुन्नालाल, जगदीश, बृजेश, चिरौंजीलाल, कालीचरन, सूरज पाल, प्रेमपाल, रामभरोसे, शिवकेश, मेहंदी हसन, सुलेमान, बैंचेलाल, महमूद, धनपाल, राजेंद्र, बालिस्टर, वीरेंद्र, वीरपाल मेघ सिंह, अमृतपाल, महिपाल, नेकसू, जाहिद सुल्तान, आमीन, अली हसन सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। कासगंज। गंगा के जलस्तर में तेजी से कमी आ रही है। वहीं जलस्तर कम होने के साथ ही कटान की गति बढ़ती जा रही है। बुधवार को भी हरिद्वार, बिजनौर एवं नरौरा बैराजों से गंगा में प्रवाह कम हुआ। कटान तेजी के साथ होता रहा। गंगा में कछला ब्रिज पर जलस्तर स्थिर बना हुआ है।
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