गांव खिरिया में अनुसूचित जाति के युवक की अपहरण के बाद हत्या की घटना के बाद शनिवार को परिजन व ग्रामीणों ने शव को जीटी रोड पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलने के बाद कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। परिजन आर्थिक सहायता व सुरक्षा की मांग कर रहे थे। आश्वासन मिलने के बाद करीब घंटे बाद जाम खुल सका। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
थाना क्षेत्र के खिरिया निवासी मनोज जाटव की रंगदारी देने से मना करने पर अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। बृहस्पतिवार शाम से लापता युवक का शव शुक्रवार की शाम हाईवे किनारे खेत में मिला था। मनोज के सिर में गोली मारी गई थी और सिर को कुचला गया था। मामले में चार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस दबिश दे रही है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया।
घरवालों ने शव हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर सीओ भोगांव चंद्रकेश सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं बेवर, किशनी, एलाऊ, भोगांव, विछवां के अलावा पीएसी भी पहुंच गई। परिजनों ने मांग रखी कि मृतक को उचित मुआवजा दिलाया जाए। परिवार के लोगों को सुरक्षा दी जाए। अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए और जाम करीब एक घंटे बाद खुला। पुलिस की मौजूदगी में गांव में मनोज के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
राजस्व विभाग को लेकर दिखी नाराजगी
मृतक के परिजनों ने बताया कि एक वर्ष से मनोज अपनी जमीन की पैमाइश के लिए प्रशासन, शासन से जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटता रहा। फिर भी निस्तारण नहीं हुआ। बताया कि मनोज के अलावा एक अन्य भाई की दिल्ली में मौत हो चुकी है। मृतक की पत्नी पूजा देवी के अलावा दो पुत्र व एक पुत्री है। उनकी साढ़े नौ बीघा जमीन में से साढे़ चार बीघा पर कब्जा है।
आरोपियों की तलाश में पुलिस दे रही दबिश
मृतक की पत्नी पूजा ने मोनू उर्फ शिवेंद्र निवासी बझेरा, विष्णु, अतुल कुमार और सुदीप कुमार निवासी गांव खिरिया को नामजद किया है। वहीं पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ दर्ज अपहरण, रंगदारी मांगने के मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम कर लिया है। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
वर्जन
पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जल्द से जल्द नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। चंद्रकेश सिंह, सीओ भोगांव।